बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर आयकर विभाग का छापा, बलिया-लखनऊ में एक साथ कार्रवाई

“बसपा विधायक उमाशंकर सिंह पर आयकर छापा: आयकर विभाग ने बलिया और लखनऊ स्थित आवासों व प्लांट पर सर्वे कर वित्तीय लेन-देन और संपत्ति दस्तावेजों की जांच की। कार्रवाई से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल।

हाइलाइट्स:

  • आयकर विभाग ने Uma Shankar Singh के आवास पर सर्वे किया
  • बलिया और लखनऊ में एक साथ जांच कार्रवाई
  • वित्तीय लेन-देन और संपत्ति दस्तावेजों की गहन पड़ताल
  • विधायक के प्लांट पर भी टीम ने की जांच
  • विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं

बलिया/ लखनऊ।उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवासों पर बुधवार सुबह आयकर विभाग ने सर्वे की कार्रवाई की। टीम ने बलिया और लखनऊ स्थित ठिकानों पर एक साथ पहुंचकर वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की।

सुबह-सुबह पहुंची टीम, आवास घेरकर शुरू की जांच

बुधवार सुबह कई वाहनों और पुलिस फोर्स के साथ आयकर विभाग की टीम बलिया जिले के खनवर स्थित विधायक आवास पर पहुंची। अधिकारियों ने आवास को चारों ओर से घेर लिया और आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी। इसी दौरान लखनऊ स्थित आवास पर भी समानांतर कार्रवाई की गई।

सूत्रों के अनुसार, टीम ने घर के भीतर रखी फाइलें, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच शुरू की। वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े कागजातों का मिलान किया जा रहा है। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

परिवार मौजूद, विधायक अस्वस्थ

बताया गया है कि विधायक उमाशंकर सिंह इस समय गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और खनवर स्थित आवास पर आइसोलेशन में रह रहे हैं। उनके भाई रमेश सिंह, पिता और अन्य परिजन घर पर मौजूद थे। जांच के दौरान परिवार के सदस्यों की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई और बाहर आने-जाने पर रोक लगाई गई।

प्लांट पर भी पहुंची जांच टीम

आयकर विभाग की एक टीम विधायक से जुड़े बलिया स्थित औद्योगिक प्लांट पर भी पहुंची। प्लांट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और अंदर दस्तावेजों की जांच की गई। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सर्वे की कार्रवाई आय, निवेश और संपत्ति से जुड़े ब्योरे की पुष्टि के लिए की जा रही है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

प्रदेश में बसपा के एकमात्र विधायक होने के कारण इस कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों और स्थानीय नेताओं के बीच इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा मान रहे हैं।

फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आने वाले दिनों में विभाग की ओर से आधिकारिक बयान या आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आ सकती है।

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