“PM Modi ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को बाधित करना अस्वीकार्य है। भारत ने ऊर्जा और सुरक्षा पर जताई चिंता।“
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में विस्तृत बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बाधित किया जाना “अस्वीकार्य” है और भारत इसके लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।
ऊर्जा और व्यापार पर असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है, जिसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल-डीजल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
भारतीयों की सुरक्षित वापसी
पीएम मोदी ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई भारतीय जहाज प्रभावित हुए हैं और उनमें बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भारत की कूटनीतिक पहल
उन्होंने कहा कि भारत शांति और संवाद के पक्ष में है और इसी दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। भारत ने ईरान, इजरायल और अमेरिका सहित कई देशों के साथ संपर्क बनाए रखा है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और सुरक्षित समुद्री आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक करीब 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। ईरान से ही एक हजार से अधिक भारतीयों को वापस लाया गया है, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल हैं।
उन्होंने नागरिक ठिकानों, ऊर्जा संरचनाओं और निर्दोष लोगों पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि भारत हर स्तर पर शांति बहाली के लिए प्रयासरत है। साथ ही सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों से कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए हैं।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता और वैश्विक शांति बनाए रखना है।
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