“UP Panchayat Elections 2026 Date: “उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज, योगी सरकार जुलाई 2026 तक चुनाव कराने के संकेत दे चुकी है। OBC आरक्षण और हाईकोर्ट की सख्ती बनी बड़ी चुनौती।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। गांवों की ‘मिनी सरकार’ के गठन के लिए दावेदारों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, जबकि सरकार भी चुनाव कराने की दिशा में सक्रिय नजर आ रही है।
जुलाई 2026 तक चुनाव के संकेत
राज्य सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि पंचायत चुनाव तय समयसीमा के भीतर कराए जाएंगे। मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने स्पष्ट कहा है कि विभाग पूरी तैयारी में जुटा है और प्रयास है कि जुलाई 2026 तक ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव संपन्न करा लिए जाएं।
कार्यकाल खत्म होने का दबाव
त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्ति के करीब है:
- ग्राम प्रधान: 26 मई 2026
- जिला पंचायत अध्यक्ष: 11 जुलाई 2026
- ब्लॉक प्रमुख: 19 जुलाई 2026
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कार्यकाल बढ़ाना संभव नहीं है, ऐसे में समय पर चुनाव कराना सरकार की मजबूरी बन गया है।
ओबीसी आरक्षण बना बड़ा मुद्दा
चुनाव प्रक्रिया में सबसे बड़ी अड़चन ओबीसी आरक्षण को लेकर है। इसके लिए ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ का गठन जरूरी है, जो फिलहाल अस्तित्व में नहीं है।
सरकार जल्द ही इस आयोग के गठन की तैयारी में है, जिसमें एक अध्यक्ष (सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज) समेत पांच सदस्य होंगे। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही आरक्षण तय किया जाएगा।
हाईकोर्ट की सख्ती
इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि क्या पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
अदालत ने साफ किया है कि किसी भी स्थिति में पंचायतों का कार्यकाल पांच साल से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
क्या है आगे की राह
- आयोग का गठन और रिपोर्ट सबसे अहम
- आरक्षण तय होने के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित होगा
- प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी
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