कांशीराम के बाद अब जगजीवन राम जयंती पर कांग्रेस का फोकस

4 अप्रैल को ‘समता दिवस’ के रूप में होगा आयोजन; Meira Kumar रहेंगी मुख्य अतिथि, पिछली जयंती में तस्वीर न होने पर उठे थे सवाल

"लखनऊ में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 4 अप्रैल को जगजीवन राम जयंती को समता दिवस के रूप में मनायेगी। कार्यक्रम में मीरा कुमार शामिल रहीं। पढ़ें यूपी की पूरी राजनीतिक खबर।"

लखनऊ। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले दलित वोट बैंक को साधने के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है। राजधानी लखनऊ में पार्टी 4 अप्रैल को जगजीवन राम की जयंती को “समता दिवस” के रूप में मनाने जा रही है।

इस कार्यक्रम में उनकी बेटी और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष Meira Kumar मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ajay Rai ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।

पहले विवाद, अब सुधार की कोशिश

हाल ही में कांग्रेस ने बसपा संस्थापक Kanshi Ram की जयंती मनाई थी, जिसमें कई महापुरुषों की तस्वीरें लगी थीं, लेकिन जगजीवन राम की तस्वीर नहीं होने पर विवाद खड़ा हो गया था। अब पार्टी इस कमी को दूर करने की कोशिश कर रही है।

दलित वोट बैंक पर नजर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस यूपी में अपने खोए जनाधार को वापस पाने के लिए दलित समुदाय पर खास फोकस कर रही है। इसी रणनीति के तहत लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में कौन-कौन होगा शामिल

इस आयोजन में प्रो. रतनलाल मुख्य वक्ता होंगे। साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे।

मायावती और बीजेपी पर हमला

प्रदेश अध्यक्ष Ajay Rai ने इस मौके पर बसपा सुप्रीमो Mayawati पर निशाना साधते हुए कहा कि दलित महापुरुषों के नाम पर राजनीति की गई है। उन्होंने बीजेपी सरकार को भी महंगाई, गैस सिलेंडर कीमत और प्रशासनिक मुद्दों पर घेरा।

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