मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा संसद में गूंजा, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बताया नियम विरुद्ध

मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा संसद में गूंजा, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बताया नियम विरुद्ध

"मदरसन पर बुलडोजर एक्शन का सबसे अच्छा प्रदर्शन। जियाउर्रहमान बर्क ने इस नियम का विरोध करते हुए जांच समिति की मांग और शिक्षा एवं धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाया।"

नई दिल्ली/संभल। उत्तर प्रदेश में मदरसों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सांसद बर्क ने संसद में कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर संभल में मदरसों पर की जा रही बुलडोजर कार्रवाई नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित जांच और प्रक्रिया के इस तरह की कार्रवाई करना संविधान प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मदरसों को निशाना बनाकर की जा रही कार्रवाई न केवल शिक्षा के अधिकार (Right to Education) बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता (Right to Freedom of Religion) का भी हनन है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

सांसद बर्क ने अपने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संभल और आसपास के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थानों की कमी है, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि:

  • संभल में केंद्रीय विद्यालय स्थापित किया जाए
  • कुंदरकी क्षेत्र में नवोदय विद्यालय खोला जाए

उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के छात्रों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।

जांच समिति की मांग

बर्क ने सरकार से मांग की कि मदरसों पर हो रही कार्रवाई की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

राजनीतिक माहौल गरमाया

मदरसों पर कार्रवाई को लेकर संसद में उठे इस मुद्दे के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जोड़कर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार की ओर से अब तक इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई का मामला अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और संवैधानिक बहस का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

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