यूपी में पहली बार सफल हृदय प्रत्यारोपण, SGPGI ने रचा इतिहास

SGPGI लखनऊ में यूपी का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान ने उत्तर प्रदेश का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण कर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि पर लखनऊ में सम्मान समारोह आयोजित हुआ।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए SGPGI ने राज्य के पहले सफल हृदय प्रत्यारोपण (हार्ट ट्रांसप्लांट) का जश्न मनाया। संस्थान के टेलीमेडिसिन सभागार में आयोजित समारोह में उस पूरी मेडिकल टीम को सम्मानित किया गया, जिसने इस जटिल और जीवन रक्षक प्रक्रिया को सफल बनाया।

टीमवर्क और विशेषज्ञता की मिसाल
इस उपलब्धि को चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर बताते हुए कार्यक्रम में बहु-विषयक टीम की सराहना की गई। कार्डियो थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. एस के अग्रवाल ने अपने संबोधन में टीम के समर्पण और समन्वय को सफलता की कुंजी बताया।

संस्थान के सफर का उल्लेख
SGPGI के निदेशक प्रो. आर के धीमन ने 1990 में शुरू हुए किडनी ट्रांसप्लांट से लेकर आज के हार्ट ट्रांसप्लांट तक के सफर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि विश्वास, धैर्य और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

सरकार का पूरा सहयोग
उत्तर प्रदेश सरकार में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने इसे अत्यंत जटिल लेकिन सफलतापूर्वक निष्पादित प्रक्रिया बताते हुए संस्थान को बधाई दी।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बृजेश पाठक ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की मजबूत होती स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रतीक है और सरकार मल्टी-ऑर्गन ट्रांसप्लांट को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

58 सदस्यों की टीम को सम्मान
इस ऐतिहासिक ऑपरेशन में CVTS, कार्डियोलॉजी, एनेस्थीसिया, नेफ्रोलॉजी और अन्य विभागों के कुल 58 विशेषज्ञों की भूमिका रही, जिन्हें समारोह में सम्मानित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नेटवर्क की भूमिका
कार्यक्रम में एयर एम्बुलेंस टीम, RML अस्पताल दिल्ली, ROTTO और SOTTO नेटवर्क सहित विभिन्न संस्थानों के योगदान को भी सराहा गया।

भावुक पल: मरीज से वर्चुअल संवाद
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब डिप्टी सीएम ने मरीज से वर्चुअल बातचीत की। तेजी से स्वस्थ हो रही मरीज की छवि स्क्रीन पर आते ही पूरा सभागार भावुक हो गया। यह पल चिकित्सा के वास्तविक उद्देश्य—जीवन बचाने—की सजीव मिसाल बन गया।

भविष्य की ओर बड़ा कदम
SGPGI ने इस उपलब्धि को नई शुरुआत बताते हुए हृदय और फेफड़े के प्रत्यारोपण कार्यक्रमों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया है।

यह ऐतिहासिक सफलता न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

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