यूपी में स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण 1 जुलाई से, ड्रॉपआउट बच्चों को फिर स्कूल लाने की तैयारी

UP School Chalo Abhiyan 2026: उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। योगी सरकार ने प्रत्येक स्कूल आयु वर्ग के बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को स्कूल से जोड़ने और जर्जर भवनों के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़ा अभियान चलाने जा रही है। 1 जुलाई 2026 से “स्कूल चलो अभियान” का दूसरा चरण शुरू होगा। इस अभियान का उद्देश्य स्कूल जाने की आयु के प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करना और ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम स्तर तक लाना है।

अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।

प्रवेश अभियान पर रहेगा विशेष फोकस

शिक्षा विभाग ने कक्षा 5 से 6, कक्षा 8 से 9 और कक्षा 10 से 11 में विद्यार्थियों के निर्बाध प्रवेश की जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापकों को सौंपी है। सभी स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उच्च कक्षाओं में जाने वाले छात्रों का समय पर नामांकन हो।

शिक्षकों के स्थानांतरण और लंबित कार्यों पर जोर

राजकीय शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के अंतर्गत लंबित भुगतान 30 जून तक निपटाने को कहा गया है।

प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाएं होंगी मजबूत

शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्रयोगशालाओं के उपकरणों का सत्यापन कर उन्हें पूरी तरह क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रोजेक्ट अलंकार, नए मिनी स्टेडियम और 44 इंडोर मिनी स्टेडियमों के निर्माण एवं विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया है।

विद्यार्थियों की उपस्थिति पर होगी निगरानी

शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार नियमित पठन-पाठन, मूल्यांकन और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से सीधे संपर्क कर स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

ड्रीम लैब परियोजना, प्रोजेक्ट प्रवीण और बीएड विद्यार्थियों की इंटर्नशिप की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

जर्जर भवनों के उपयोग पर पूरी तरह रोक

मानसून सीजन को देखते हुए प्रदेश के सभी जर्जर विद्यालय भवनों को चिह्नित कर उन पर लाल निशान लगाने और उन्हें “एबंडंड” घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे भवनों में किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि संचालित नहीं की जाएगी।

हर माह होगी समीक्षा बैठक

जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक माह प्रधानाचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक कर पठन-पाठन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, व्यावसायिक शिक्षा और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करें।

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