“लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने हॉस्टल में गंदगी और नॉनवेज भोजन व्यवस्था पर नाराजगी जताई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को 15 दिन में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए।“
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के तृतीय दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संस्थान की व्यवस्थाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया। राजभवन से ऑनलाइन जुड़ीं राज्यपाल ने बीसी राय हॉस्टल के ग्राउंड फ्लोर पर फैली गंदगी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष से भी इस मामले को गंभीरता से लेने को कहा। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि छात्रों के रहने वाले परिसर में स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नॉनवेज भोजन व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
समारोह के दौरान राज्यपाल ने हॉस्टलों में सप्ताह में दो दिन नॉनवेज भोजन परोसे जाने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की आवश्यकता और औचित्य पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह को निर्देश दिए कि वे संस्थान की व्यवस्थाओं की समीक्षा करें और 15 दिनों के भीतर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें।
राज्यपाल ने कहा कि वह स्वयं 15 दिन बाद संस्थान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लेंगी।
मेधावियों को मिले पदक और डिग्रियां
तृतीय दीक्षांत समारोह में कुल 340 सफल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। वहीं 26 मेधावी छात्रों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।
एमबीबीएस 2020 बैच के छात्र हरमन सिंह को प्रतिष्ठित डायरेक्टर मेडल प्रदान किया गया, जबकि डॉ. राजन भटनागर को बेस्ट टीचर (फैकल्टी) अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
मरीज को भगवान मानकर सेवा करें: ब्रजेश पाठक
समारोह को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने नवोदित डॉक्टरों को मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सक का पहला धर्म मरीज की सेवा है और प्रत्येक मरीज को भगवान मानकर उसका उपचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार चिकित्सा क्षेत्र की सबसे बड़ी पूंजी है। साथ ही राज्यपाल द्वारा दिए गए निर्देशों को तत्काल लागू करने का भरोसा भी दिलाया।
भारत बनेगा मेडिकल शिक्षा का वैश्विक केंद्र
मुख्य अतिथि प्रो. वेद प्रकाश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी भारत की होगी क्योंकि देश के पास विशाल युवा शक्ति और डेमोग्राफिक डिविडेंड है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में विश्व चिकित्सा शिक्षा मान्यता प्रणाली में भारत के सैकड़ों मेडिकल कॉलेजों को वैश्विक पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में 800 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और आने वाले वर्षों में दुनिया का हर तीसरा डॉक्टर भारत में प्रशिक्षित हो सकता है।
संस्थान को प्रदेश का नंबर-1 मेडिकल सेंटर बनाने का लक्ष्य
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोहिया संस्थान को उत्तर प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान बनाना है। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, चिकित्सा शिक्षा और मरीज सेवाओं को लगातार बेहतर बनाया जाएगा।
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