“G7 Summit 2026 Protest Geneva: फ्रांस के एवियन में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन से पहले जिनेवा में हजारों प्रदर्शनकारियों ने साम्राज्यवाद, पूंजीवाद, पर्यावरणीय नीतियों और वैश्विक राजनीतिक फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और कई सीमाई मार्गों को बंद कर दिया गया है।“
जिनेवा। फ्रांस के एवियन में सोमवार से शुरू हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन से पहले स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में हजारों प्रदर्शनकारियों ने वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। झील किनारे स्थित एक बड़े पार्क में जुटे प्रदर्शनकारियों ने साम्राज्यवाद, पूंजीवाद और जी7 देशों की नीतियों को दुनिया में असमानता, संघर्ष और पर्यावरणीय संकटों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए विरोध जताया।
प्रदर्शन में पर्यावरण कार्यकर्ताओं, नारीवादी संगठनों, स्वतंत्र मीडिया समर्थकों, मानवाधिकार समूहों और फिलिस्तीन समर्थक संगठनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने बैनर, पोस्टर और नारों के जरिए वैश्विक शक्तियों की नीतियों पर सवाल उठाए और दुनिया में अधिक न्यायपूर्ण आर्थिक एवं राजनीतिक व्यवस्था की मांग की।
जी7 देशों की नीतियों पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जी7 देशों की आर्थिक और विदेश नीतियां विकासशील देशों के हितों की अनदेखी करती हैं। उनका कहना था कि वैश्विक संसाधनों पर कुछ शक्तिशाली देशों का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है, जिससे आर्थिक असमानता और सामाजिक संकट गहरा रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने जलवायु परिवर्तन, युद्ध, हथियारों की होड़ और मानवाधिकारों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। कई समूहों ने फिलिस्तीन के समर्थन में भी रैलियां निकालीं और पश्चिमी देशों की नीतियों की आलोचना की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
संभावित अव्यवस्था और हिंसा की आशंका को देखते हुए जिनेवा प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और बिना अनुमति किसी भी सार्वजनिक सभा पर प्रतिबंध लगाया गया है।
पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
2003 की घटनाओं से लिया गया सबक
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2003 में एवियन में आयोजित जी7 सम्मेलन के दौरान जिनेवा में हुए हिंसक प्रदर्शनों और व्यापक नुकसान को देखते हुए इस बार विशेष सावधानी बरती जा रही है। उसी अनुभव के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है।
संभावित नुकसान से बचने के लिए शहर के कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने लकड़ी के सुरक्षात्मक पैनल लगा दिए हैं। प्रशासन ने सीमा क्षेत्रों पर भी निगरानी बढ़ा दी है।
सीमा पार आवाजाही पर भी असर
जी7 सम्मेलन के मद्देनजर फ्रांस-स्विट्जरलैंड सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। सड़क मार्ग से सीमा पार करने वाले 35 रास्तों में से केवल सात मार्ग ही खुले रखे गए हैं। इससे यात्रियों और माल परिवहन पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है।
अधिकारियों का कहना है कि सम्मेलन के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
वैश्विक नेताओं की बैठक पर दुनिया की नजर
जी7 शिखर सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ऐसे में सम्मेलन से पहले हो रहे ये विरोध प्रदर्शन वैश्विक राजनीति और आर्थिक नीतियों को लेकर बढ़ते असंतोष को भी दर्शाते हैं।
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