“ गाजीपुर के चर्चित कोडीन कफ सीरप तस्करी मामले में 25 हजार के इनामी आरोपी अमित कुमार सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अब तक चार आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।“
गाजीपुर। जनपद में चर्चित कोडीन कफ सीरप तस्करी मामले में एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी Amit Kumar Singh ने सोमवार को गाजीपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत में सरेंडर के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले की सुनवाई Shakti Singh की अदालत में हुई, जहां आरोपी ने एनडीपीएस एक्ट के तहत चल रहे मुकदमे में सरेंडर किया।
अब तक पांच में चार आरोपी कोर्ट पहुंचे
कफ सीरप तस्करी मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों में से चार आरोपी अदालत में सरेंडर कर चुके हैं, जबकि एक आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब पुलिस केवल एक फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
पुलिस और औषधि विभाग की बढ़ती कार्रवाई के दबाव में आरोपी लगातार कोर्ट में आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

7.82 लाख बोतलों के कारोबार पर उठे सवाल
मामले में औषधि निरीक्षक Brijesh Maurya ने कई मेडिकल एजेंसियों और मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप है कि संबंधित फर्मों ने अवैध तरीके से कोडीन युक्त कफ सीरप की बिक्री की और रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी की। जांच में सामने आया कि इन फर्मों ने करीब 7.82 लाख बोतल कफ सीरप की खरीद-बिक्री दिखाई, लेकिन गोदामों में स्टॉक नहीं मिला।
इस मामले में मेसर्स अंश मेडिकल एजेंसी के अमित कुमार सिंह, शुभम फार्मा के निलेश कुमार श्रीवास्तव, नित्यांश मेडिकल एजेंसी के शुभम सिंह, मौर्या मेडिकल स्टोर के दयाराम सिंह कुशवाहा, स्वास्तिक मेडिकल एजेंसी के सर्वांश वर्मा और राधिका मेडिकल एजेंसी के राहुल कुमार यादव के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
पहले गिरफ्तार हुआ था सर्वांश वर्मा
मामले में सबसे पहले Sarvansh Verma को गिरफ्तार किया गया था। वह सैदपुर स्थित स्वास्तिक मेडिकल एजेंसी का संचालक बताया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
इसके बाद फरार पांच आरोपियों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
गैर जमानती वारंट और कुर्की की कार्रवाई
फरार आरोपियों के खिलाफ अदालत ने 17 फरवरी को गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद पुलिस ने उनके घरों पर कुर्की नोटिस भी चस्पा की थी।
पुलिस कार्रवाई तेज होने के बाद दयाराम सिंह कुशवाहा, राहुल कुमार यादव और शुभम सिंह ने पहले ही अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। अब अमित कुमार सिंह के सरेंडर के बाद पुलिस की नजर आखिरी फरार आरोपी पर है।
अवैध दवा कारोबार पर सख्ती
पुलिस और औषधि विभाग इस मामले को अवैध नशीली दवाओं के नेटवर्क से जोड़कर भी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कोडीन युक्त कफ सीरप का दुरुपयोग रोकने के लिए जिले में मेडिकल एजेंसियों और दवा कारोबारियों की निगरानी बढ़ाई गई है।
मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन दोनों सतर्क हैं और जल्द ही फरार आरोपी की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
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