लखीमपुर में 25 से ज्यादा गिद्धों की रहस्यमयी मौत, जहरखुरानी की आशंका से वन विभाग में हड़कंप

कुत्तों के शव खाने से मौत की संभावना, सैंपल जांच के लिए भेजे गए; जंगल से सटे इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 25 से अधिक गिद्ध मृत पाए गए। जहरीले कुत्तों के शव खाने से मौत की आशंका, वन विभाग जांच में जुटा।

लखीमपुर खीरी । जिले के सेमरिया गांव में दो दर्जन से अधिक गिद्धों की अचानक मौत से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया है, बल्कि वन्यजीव सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भीरा वन रेंज के पड़रिया बीट क्षेत्र में जंगल किनारे बसे इस गांव में गिद्धों के शव मिलने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम लगातार मौत के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

जहरखुरानी की आशंका गहराई:
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि गिद्धों की मौत जहरीले मांस के सेवन से हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, इलाके में कुछ आवारा कुत्तों को किसी अज्ञात व्यक्ति ने जहर दे दिया था।

बताया जा रहा है कि जहर खाने के बाद ये कुत्ते अलग-अलग स्थानों पर मर गए। बाद में गिद्धों ने इन मृत कुत्तों के शवों को खाया, जिससे वे भी जहर की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। हालांकि, वन विभाग ने अभी इस थ्योरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

टीम कर रही सघन तलाशी अभियान:
वन विभाग ने मौके से चार कुत्तों के शव बरामद किए हैं, जिनमें से दो के सैंपल जांच के लिए बरेली भेजे गए हैं। अन्य शवों को सुरक्षित तरीके से दफना दिया गया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वन दरोगा राजदीप सिंह चौहान, वन रक्षक शरद मिश्रा समेत पूरी टीम जंगल से सटे इलाकों में लगातार कॉम्बिंग कर रही है, ताकि अन्य मृत जानवरों का पता लगाया जा सके और आगे किसी भी वन्यजीव को नुकसान से बचाया जा सके।

एक बकरी से शुरू हुआ मौत का सिलसिला!
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि बरौछा नाले के पास एक बकरी के शव में जहर मिलाए जाने से यह पूरा घटनाक्रम शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि बकरी को पहले आवारा कुत्तों ने मार दिया था, जिसके बाद किसी ने उसके शव में जहर डाल दिया।

जहरयुक्त मांस खाने से कुत्तों की मौत हुई और फिर उन्हीं के शवों को खाने से गिद्धों की जान चली गई। कुछ ही घंटों में कई गिद्ध तड़पते हुए गिर पड़े और दम तोड़ दिया।

रिपोर्ट का इंतजार:
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गिद्धों और कुत्तों के शवों के नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि मानव लापरवाही किस तरह खाद्य श्रृंखला के जरिए कई प्रजातियों के लिए घातक साबित हो सकती है।

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