“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को देश का ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य रखा। ड्रोन, AI, ग्रीन हाइड्रोजन और मेड-टेक में IIT कानपुर और नोएडा हब से तेजी से विकास होगा।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा विजन सामने रखा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ‘इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड’ के मंत्र के साथ प्रदेश को देश का ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ड्रोन, क्वांटम टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन और मेड-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा।
उभरती तकनीकों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और मेड-टेक जैसे क्षेत्रों में प्रदेश को अग्रणी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर नवाचारों को बड़े स्तर पर लागू किया जाए।
मेड-टेक में नई पहल
बैठक में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने मेड-टेक क्षेत्र में हो रहे कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया।
उन्होंने बताया कि गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्याधुनिक तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं। इस दिशा में चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।
ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भविष्य
मुख्यमंत्री ने आईआईटी कानपुर में प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को प्रदेश के ऊर्जा भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
साथ ही, आयुर्वेद के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्लिनिकल वैलिडेशन के लिए देश का पहला संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। यह केंद्र आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण और शोध को बढ़ावा देगा।
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