“महिला आरक्षण बिल पास न होने पर Aparna Yadav ने सपा-कांग्रेस के झंडे जलाए, विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के विरोध का आरोप। पढ़ें पूरी खबर।”
लखनऊ। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पास न हो पाने के बाद राजधानी Lucknow में सियासी तापमान बढ़ गया है। शुक्रवार देर रात उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष Aparna Yadav के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और उनके झंडे जलाए। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
देर रात सड़क पर उतरीं अपर्णा यादव
विधेयक के गिरने के बाद Aparna Yadav अपने समर्थकों के साथ विधानसभा के बाहर पहुंचीं और विरोध प्रदर्शन शुरू किया। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
विपक्ष पर तीखा हमला
प्रदर्शन के दौरान अपर्णा यादव ने विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग इस बिल को “दिखावटी” बता रहे हैं, उनकी राजनीति भी दिखावटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि आम परिवारों की महिलाएं आगे बढ़कर संसद तक पहुंचें।
‘काली रात’ बताकर जताया विरोध
Aparna Yadav ने इस घटनाक्रम को “काली रात” बताते हुए कहा कि अगर विधेयक पास हो जाता तो जश्न मनाया जाता। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को अधिकार दिलाने की कोशिश विपक्ष के कारण विफल हो गई।
क्यों गिरा विधेयक
महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को पास कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी।
- कुल वोटिंग: 528
- पक्ष में: 298
- विरोध में: 230
- आवश्यक वोट: 352
आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका, जिसके बाद देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई।
सपा कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन
राजधानी में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर भी महिला कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान Akhilesh Yadav और Rahul Gandhi के खिलाफ नारे लगाए गए।
सपा की कड़ी आपत्ति
इस पूरे घटनाक्रम पर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने झंडा जलाने की घटना की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं।
देशभर में प्रदर्शन की तैयारी
बीजेपी अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। पार्टी इसे “नारी शक्ति” से जोड़कर देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज कर सकती है।
महिला आरक्षण विधेयक के गिरने के बाद Lucknow सहित देशभर में सियासी घमासान तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा गरमाने के आसार हैं।
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