“बलरामपुर, उत्तर प्रदेश के छांगुर गिरोह पर ATS/NIA अदालत में जबरन धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और देश की एकता को प्रभावित करने के आरोप तय किए गए। मामले की अगली सुनवाई 2 मई को होगी।”
हाइलाइट्स:
- जबरन मतांतरण के आरोप में गिरोह पर कार्रवाई
- देश की एकता और संप्रभुता को प्रभावित करने की साजिश का आरोप
- एटीएस/एनआईए अदालत ने कई धाराओं में आरोप तय किए
- अंतरराष्ट्रीय फंडिंग के लिंक सामने आए
- अगली सुनवाई 2 मई को
लखनऊ/बलरामपुर। बलरामपुर के जलालुद्दीन उर्फ छांगुर और उसके गिरोह के खिलाफ जबरन मतांतरण और देश की एकता को खतरे में डालने जैसे गंभीर मामलों में विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। लखनऊ स्थित एटीएस/एनआईए मामलों की विशेष अदालत ने छांगुर सहित उसके आठ अन्य सहयोगियों के खिलाफ सुनवाई करते हुए कई धाराओं में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने वर्ष 2015 के बाद संगठित तरीके से गिरोह बनाकर गैर-मुस्लिम समुदाय के लोगों को भय और लालच देकर अवैध रूप से धर्मांतरण कराया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस गतिविधि का उद्देश्य देश की जनसांख्यिकी को प्रभावित करना और राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा संप्रभुता को कमजोर करना था।
मामले में Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad (एटीएस) की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि गिरोह लंबे समय से बलरामपुर और आसपास के जिलों में सक्रिय था तथा संगठित नेटवर्क के जरिए लोगों को निशाना बना रहा था।
जांच एजेंसियों को इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के भी संकेत मिले हैं। नेपाल और खाड़ी देशों से जुड़े तार सामने आने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को देखते हुए Enforcement Directorate (ईडी) ने भी जांच शुरू की और कई स्थानों पर छापेमारी की।
विशेष अदालत ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में आरोप तय किए हैं, जिनमें दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना, धोखाधड़ी, सामूहिक दुराचार, छेड़खानी, आपराधिक षड्यंत्र, उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम तथा एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम शामिल हैं। अदालत ने इस प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों को भी समान आरोपों में विचारण के लिए नामित किया है।
सुनवाई के दौरान सभी आरोपी न्यायालय में पेश हुए, जहां उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया और मुकदमे की सुनवाई की मांग की। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 2 मई तय की है, जिसमें अभियोजन पक्ष गवाहों और साक्ष्यों को प्रस्तुत करेगा।
मामले की प्रमुख बातें:
- 5 जुलाई 2025 को एटीएस ने छांगुर और उसके सहयोगियों को किया गिरफ्तार
- पूछताछ में बड़े स्तर पर मतांतरण रैकेट का खुलासा
- विदेश से फंडिंग और 100 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन के संकेत
- ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की
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