“महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन का बहाना बनाकर महिला आरक्षण के लागू होने में देरी कर रही है।“
हाइलाइट्स:
- महिला आरक्षण में देरी को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला
- परिसीमन से जोड़ने को बताया देरी का कारण
- राहुल गांधी और सोनिया गांधी के पुराने पत्रों का हवाला
- तत्काल लागू करने की उठाई मांग
- सियासी बयानबाजी से मुद्दा गरमाया
नई दिल्ली। महिला आरक्षण को लेकर केंद्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि नरेन्द्र मोदी सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर इसके लागू होने में देरी कर रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी लंबे समय से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, लेकिन मौजूदा सरकार इसे टालने का प्रयास कर रही है।
रमेश ने राहुल गांधी द्वारा 16 जुलाई 2018 को प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों बीत जाने के बावजूद इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी 2017 में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण पर जल्द निर्णय लेने की अपील की थी। इसके बावजूद अब इसे परिसीमन से जोड़कर लागू करने में देरी की जा रही है।
पत्र में राहुल गांधी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना समय की मांग है और इसे टालना उचित नहीं होगा।
कांग्रेस ने मांग की है कि महिला आरक्षण पर तत्काल फैसला लिया जाए और इसे जल्द लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में उनका उचित अधिकार मिल सके।
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