यूपी में प्रॉपर्टी खरीदना अब और सुरक्षित, योगी सरकार के सख्त नियम लागू

UP RERA रजिस्ट्रेशन अनिवार्य; अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर कार्रवाई तेज, खरीदारों को मिला सुरक्षा कवच

Uttar Pradesh में Yogi Adityanath सरकार ने प्रॉपर्टी खरीद को सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू किए। RERA अनिवार्य, अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब जमीन, फ्लैट या प्लॉट खरीदना पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित हो गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सरकार ने प्रॉपर्टी बाजार में पारदर्शिता लाने और भू-माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए कई सख्त नियम लागू किए हैं।

RERA रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य

नए नियमों के तहत 500 वर्ग मीटर से बड़े किसी भी प्रोजेक्ट—चाहे प्लॉट हो, फ्लैट या टाउनशिप—का UP RERA में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। बिना रेरा पंजीकरण के किसी भी प्रोजेक्ट का विज्ञापन या बिक्री अब गैरकानूनी मानी जाएगी।

रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं से खरीदारों को समय पर कब्जा, निवेश की सुरक्षा और शिकायत निवारण का अधिकार मिलेगा।

अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई

राज्य भर में बिना नक्शा पास कराए विकसित की गई कॉलोनियों पर विकास प्राधिकरणों ने सख्त रुख अपनाया है। Lucknow Development Authority समेत कई शहरों में बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा रहे हैं।

छोटे प्लॉट मालिकों को राहत

सरकार ने छोटे प्लॉट धारकों के लिए प्रक्रिया आसान कर दी है—

  • 100 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं, केवल ऑनलाइन सेल्फ-डिक्लेरेशन पर्याप्त
  • 100 से 500 वर्ग मीटर तक सरल ऑनलाइन अप्रूवल
  • 500 वर्ग मीटर से ऊपर पूर्ण नक्शा स्वीकृति अनिवार्य

यह व्यवस्था प्रदेश के 29 विकास प्राधिकरणों में लागू कर दी गई है।

रजिस्ट्री प्रक्रिया भी सख्त

1 अप्रैल से लागू नए नियमों के अनुसार—

  • विक्रेता का नाम खतौनी में दर्ज होना जरूरी
  • आधार बायोमेट्रिक और पैन कार्ड अनिवार्य
  • टाइटल वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और कड़ा किया गया

खरीदारों के लिए जरूरी सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रॉपर्टी खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें—

  • प्रोजेक्ट का UP RERA रजिस्ट्रेशन जरूर जांचें
  • लेआउट प्लान की स्वीकृति संबंधित प्राधिकरण से सत्यापित करें
  • जमीन का लैंड यूज (रेजिडेंशियल/कृषि) स्पष्ट करें
  • खतौनी-खसरा में नाम का मिलान करें

ऑनलाइन सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता

अब नक्शा पास कराने से लेकर शुल्क भुगतान और स्वीकृति तक की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। सही जानकारी भरने पर कुछ ही मिनटों में स्वीकृति मिल सकती है, जिससे भ्रष्टाचार और देरी में कमी आएगी।

सरकार का दावा है कि इन सुधारों से न केवल प्रॉपर्टी बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों का निवेश भी सुरक्षित होगा और भू-माफियाओं की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी।

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