“594 किमी लंबा मेगा प्रोजेक्ट 12 जिलों को जोड़ेगा, मेरठ से प्रयागराज का सफर अब 6 घंटे में; उद्योग, कृषि और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा”
हरदोई । उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेस-वे 29 अप्रैल 2026 से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi हरदोई जिले के मल्लावां में भव्य समारोह के बीच इसका लोकार्पण करेंगे।
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे राज्य के पश्चिमी छोर मेरठ को पूर्वी छोर प्रयागराज से जोड़ेगा। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से सफर करते हुए अब यह दूरी लगभग 6 घंटे में पूरी हो सकेगी, जो पहले करीब 10–11 घंटे लेती थी।
इस परियोजना की नींव 18 दिसंबर 2021 को रखी गई थी, जब प्रधानमंत्री ने शाहजहांपुर में इसका शिलान्यास किया था। लगभग ₹36,200 करोड़ की लागत से तैयार यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों और 519 गांवों से होकर गुजरता है, जिससे क्षेत्रीय विकास को व्यापक गति मिलने की उम्मीद है।
हरदोई, जो पहले से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे से जुड़ा है, अब गंगा एक्सप्रेस-वे के जरिए एक और बड़े नेटवर्क से कनेक्ट हो जाएगा। इससे जिले में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। किसानों को अपनी फसल दिल्ली-एनसीआर समेत बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी, जिससे उनकी आय बढ़ने की संभावना है।
सुरक्षा के लिहाज से भी इस एक्सप्रेस-वे को अत्याधुनिक बनाया गया है। अलर्ट स्ट्रिप्स, इमरजेंसी सुविधाएं और हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। लोकार्पण समारोह के दौरान 144 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जबकि एसपीजी, पीएसी और स्थानीय पुलिस बल सुरक्षा में तैनात रहेंगे। हाल ही में एडीजी प्रवीन कुमार ने तैयारियों का जायजा लिया।
प्रधानमंत्री के आवागमन के लिए एक्सप्रेस-वे पर विशेष कट बनाए गए हैं। आम जनता और वीआईपी के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
गंगा एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास का मजबूत आधार बनकर उभरेगा। आने वाले समय में यह प्रदेश को निवेश, रोजगार और कनेक्टिविटी के नए आयाम देगा।








