केरल विधानसभा चुनाव 2026: एलडीएफ या यूडीएफ, किसकी बनेगी सरकार?

त्रिकोणीय मुकाबले के बाद सोमवार को मतगणना, एग्जिट पोल में यूडीएफ आगे; एलडीएफ ने किया वापसी का दावा

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सोमवार को आएंगे। 140 सीटों पर एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए के बीच मुकाबला है। जानिए पिनराई विजयन, कांग्रेस गठबंधन और भाजपा की संभावनाएं।

तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित होंगे। राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बीच हुए मुकाबले के बाद अब सभी की नजर मतगणना पर टिकी है।

140 सीटों पर 883 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

राज्य की 140 विधानसभा सीटों पर कुल 883 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 79.63 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। केरल में कुल 2.71 करोड़ से अधिक मतदाता हैं।

मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी। इसके लिए राज्यभर में 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।

एग्जिट पोल में यूडीएफ को बढ़त

अधिकांश एग्जिट पोल में कांग्रेस नीत यूडीएफ को बढ़त दिखाई गई है। 2024 लोकसभा चुनाव, उपचुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस गठबंधन सत्ता वापसी को लेकर उत्साहित है।

2021 विधानसभा चुनाव में यूडीएफ को 41 सीटें मिली थीं।

एलडीएफ ने खारिज किए एग्जिट पोल

सत्तारूढ़ एलडीएफ ने एग्जिट पोल को सिरे से खारिज किया है। वाम मोर्चे का दावा है कि वह लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगा। 2021 के चुनाव में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

अगर एलडीएफ सत्ता से बाहर होता है तो 1960 के दशक के बाद यह पहली बार होगा जब देश के किसी राज्य में वामपंथी दल सत्ता में नहीं रहेंगे।

एनडीए भी तलाश रहा नई जमीन

भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए भी इस चुनाव में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश में है। 2021 विधानसभा चुनाव में गठबंधन को 12.51 प्रतिशत वोट मिले थे, जो 2024 लोकसभा चुनाव में बढ़कर 19.23 प्रतिशत हो गए थे।

हालांकि 2025 स्थानीय निकाय चुनाव में उसका वोट शेयर घटकर 15 प्रतिशत रह गया, लेकिन तिरुवनंतपुरम नगर निगम जीतने और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ गठजोड़ से भाजपा को उम्मीद है कि इस बार कुछ सीटें मिल सकती हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। चुनाव बाद किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे राज्य में निगरानी बढ़ा दी गई है।

किसकी बनेगी सरकार?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एलडीएफ तीसरी बार सत्ता में लौटेगा, क्या यूडीएफ वापसी करेगा, या एनडीए चौंकाने वाला प्रदर्शन करेगा। इसका फैसला सोमवार को मतगणना के साथ हो जाएगा।

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