सीएम योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- पहले फर्जी लोग चेयरमैन बन जाते थे

लोक भवन में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह, सपा शासनकाल पर साधा निशाना; कहा- पहले अयोग्य लोग चेयरमैन बन जाते थे

योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में में 609 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने पूर्व सरकारों पर भर्ती घोटालों और भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा। पढ़ें पूरी खबर।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता का दावा करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों, खासकर समाजवादी पार्टी शासनकाल पर तीखा हमला बोला।

समारोह में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए चयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों सहित कुल 609 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु और मयंकेश्वर शरण सिंह भी मौजूद रहे।

पहले परीक्षा कोई देता था, नौकरी कोई और पाता था: सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते थे। उन्होंने कहा कि उस समय ऐसी स्थिति थी कि परीक्षा कोई और देता था और नियुक्ति पत्र कोई दूसरा प्राप्त करता था। भर्ती प्रक्रियाओं में भेदभाव, भ्रष्टाचार और बेईमानी के कारण युवाओं के सपने टूटते थे।

उन्होंने कहा कि किसी युवा के सपनों का टूटना केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा है।

अयोग्य लोग बन जाते थे चेयरमैन

सीएम योगी ने बिना नाम लिए सपा शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जो व्यक्ति पात्र नहीं होता था, वही भर्ती आयोग का चेयरमैन बन जाता था। जिसकी खुद की डिग्री संदिग्ध होती थी, वह चयन प्रक्रिया चलाता था।

उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है। अब चयन बोर्ड के अध्यक्ष कौन हैं, यह भी अभ्यर्थियों को पता नहीं होता, क्योंकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और बिना हस्तक्षेप के संपन्न होती है।

2017 के बाद बदली भर्ती व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले लंबित भर्तियों की समीक्षा कराई। न्यायालय द्वारा पारदर्शिता के निर्देशों के अनुसार नई नियमावली बनाई गई और भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई।

उन्होंने कहा कि अब तक राज्य में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जिनमें केवल पुलिस विभाग में ही 2 लाख 20 हजार से अधिक भर्ती हुई हैं।

अगले एक साल में डेढ़ लाख भर्तियां होंगी

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश में विभिन्न विभागों में करीब 1.5 लाख भर्तियां पूरी की जाएंगी। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग 32 हजार से अधिक पदों पर चयन करेगा। लोक सेवा आयोग लगभग 15 हजार पदों पर भर्ती करेगा, जबकि पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा भी बड़ी प्रक्रिया जारी है।

स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की भारी कमी थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज और 2 एम्स कार्यरत हैं। नर्सिंग कॉलेज, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और चिकित्सा ढांचे का तेजी से विस्तार किया गया है।

दवा और खाद्य जांच व्यवस्था मजबूत हुई

सीएम योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में औषधि परीक्षण की केवल 5 प्रयोगशालाएं थीं, जिन्हें बढ़ाकर 18 किया गया है। पहले जहां सालाना 12 हजार नमूनों की जांच होती थी, अब 55 हजार से अधिक नमूनों की जांच संभव है।

खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी पहले 6 लैब थीं, जिन्हें बढ़ाकर 18 किया गया है। अब प्रतिवर्ष 1 लाख 8 हजार खाद्य नमूनों की जांच हो सकेगी।

चयनित युवाओं को दी नसीहत

मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार रोकने की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। नई पीढ़ी भाग्यशाली है कि उसे निष्पक्ष व्यवस्था में अवसर मिल रहा है और सरकार युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का मंच दे रही है।

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