पेट्रोल-डीजल और दूध के बाद अब ब्रेड भी महंगी, प्रति पैकेट 5 रुपये तक बढ़े दाम

बढ़ती ट्रांसपोर्ट लागत और महंगे आयातित कच्चे माल का असर, आम आदमी की रसोई पर फिर बढ़ा बोझ

Bread Price Hike News: पेट्रोल-डीजल और दूध के बाद अब ब्रेड की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। मुंबई में ब्रेड के दाम 5 रुपये प्रति पैकेट तक बढ़ गए हैं। जानें महंगाई की वजह और नए रेट की पूरी जानकारी।

नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अब ब्रेड की कीमतों में भी बड़ा इजाफा हो गया है। पेट्रोल-डीजल और दूध के दाम बढ़ने के बाद अब ब्रेड कंपनियों ने भी कीमतें बढ़ा दी हैं। मुंबई में कई प्रमुख ब्रेड ब्रांड्स ने प्रति पैकेट 2 से 5 रुपये तक दाम बढ़ाए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती ट्रांसपोर्ट लागत, प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले आयातित कच्चे माल की महंगाई और रुपये की कमजोर स्थिति के कारण ब्रेड निर्माण की लागत लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है।

मॉडर्न ब्रेड समेत कई ब्रांड्स ने बढ़ाए दाम

बताया जा रहा है कि 16 मई से कई ब्रेड कंपनियों ने नई कीमतें लागू कर दी हैं। मुंबई के अंधेरी स्थित लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में दूध और ब्रेड का स्टॉल चलाने वाले दुकानदार राजू फुटाने के मुताबिक, मॉडर्न ब्रेड के कई उत्पादों की कीमतों में सीधा 5 रुपये तक का इजाफा हुआ है।

उनके अनुसार, 400 ग्राम वाली सैंडविच ब्रेड का पैकेट 40 रुपये से बढ़कर 45 रुपये हो गया है। वहीं होल व्हीट ब्रेड 55 से बढ़कर 60 रुपये और मल्टीग्रेन ब्रेड 60 से बढ़कर 65 रुपये प्रति पैकेट बिक रही है।

इसके अलावा छोटी ब्राउन ब्रेड की कीमत 28 रुपये से बढ़कर 30 रुपये और सफेद ब्रेड 20 रुपये से बढ़कर 22 रुपये हो गई है।

बढ़ती लागत ने बढ़ाई कंपनियों की मुश्किलें

बेकरी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी के कारण कंपनियों के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

मुंबई की ब्रेडक्राफ्ट बेकरी के मैनेजर सुरेश पासवान ने बताया कि ब्रेड पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक पाउडर विदेशों से आयात किया जाता है और उसकी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है।

वहीं क्वालिटी बेकर्स के डायरेक्टर और इंडिया बेकर्स एसोसिएशन के सदस्य सलाहुद्दीन खान के मुताबिक, सिर्फ पैकेजिंग ही नहीं बल्कि ट्रांसपोर्टेशन, प्रिजर्वेटिव, नमक और पेट्रोलियम उत्पादों की लागत में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर ब्रेड उद्योग पर पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता

लगातार बढ़ती महंगाई से आम लोग परेशान नजर आ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले ब्रेड जैसी जरूरी चीजों के दाम धीरे-धीरे बढ़ते थे, लेकिन अब एक साथ 5 रुपये तक की बढ़ोतरी हो रही है।

मुंबई निवासी शफी अंसारी ने कहा कि पहले दो या तीन रुपये की बढ़ोतरी भी लोगों को परेशान कर देती थी, लेकिन अब रोजमर्रा की चीजों में अचानक बड़ी बढ़ोतरी होने लगी है, जिससे घर का बजट बिगड़ रहा है।

महंगाई की मार से बढ़ी रसोई की चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर अब खाद्य उत्पादों पर साफ दिखने लगा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ रही है, जिसका असर दूध, ब्रेड, सब्जियों और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है।

अगर कच्चे तेल की कीमतें और आयात लागत इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों में भी और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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