“UP Fuel Crisis News: महराजगंज, देवरिया, मऊ और संतकबीर नगर समेत कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत बढ़ गई है। लोग पेट्रोल पंपों पर रातभर मच्छरदानी लगाकर सो रहे हैं। कई जगह सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है।“
लखनऊ/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। महराजगंज, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, मऊ, संतकबीर नगर, श्रावस्ती और बहराइच समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई स्थानों पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक खत्म हो गया है, जबकि कुछ जगहों पर सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि महराजगंज में लोग पेट्रोल पंपों के बाहर रातभर मच्छरदानी लगाकर सो रहे हैं, ताकि सुबह पंप खुलते ही डीजल मिल सके। हालांकि तेल कंपनियों और प्रशासन का दावा है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।
महराजगंज में रातभर पंपों के बाहर डटे रहे लोग
महराजगंज में मंगलवार को कई पेट्रोल पंप बंद रहे। जिला मुख्यालय पर केवल एक पंप पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध होने से भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दिनभर लाइन में लगने के बाद भी कई लोगों को ईंधन नहीं मिला तो वे रात में पंप के बाहर ही चादर और मच्छरदानी लगाकर सो गए।
कई किसान गैलन लेकर डीजल लेने पहुंचे। लोगों का कहना है कि खेतों की जुताई और सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है।
गोरखपुर में गैलन लेकर पहुंचे लोग
गोरखपुर के कई पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन खत्म होने की खबरें सामने आई हैं। धर्मशाला पेट्रोल पंप पर सुबह से वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। बड़ी संख्या में लोग गैलन लेकर डीजल लेने पहुंचे।

वाहन चालकों का कहना है कि कई पंपों पर “नो स्टॉक” का बोर्ड लगा दिया गया है, जिससे लोगों में घबराहट बढ़ रही है।
देवरिया में 150 से ज्यादा पंपों पर डीजल खत्म
देवरिया में हालात और ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी Sanjay Pandey के अनुसार जिले के 202 पेट्रोल पंपों में से 150 से अधिक पर डीजल खत्म हो चुका है। वहीं करीब 82 पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भी उपलब्ध नहीं है।
कतरारी मोड़, आईटीआई रोड और पुरवा समेत कई प्रमुख पंपों पर स्टॉक समाप्त होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बिहार सीमा से लगे क्षेत्रों में भी कई दिनों से ईंधन संकट बना हुआ है।
हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त आपूर्ति भेजकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों की बढ़ी चिंता
डीजल संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। देवरिया के किसान अशोक कुमार ने बताया कि कई दिनों से डीजल के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन ईंधन नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेतों की जुताई रुक गई है।
वहीं वाहन चालकों और व्यापारियों का कहना है कि सीमित आपूर्ति के कारण रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
मऊ और बस्ती में तय हुई लिमिट
मऊ जिले में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ के बीच सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है। बाइक चालकों को अधिकतम 200 रुपये और चार पहिया वाहनों को 500 रुपये तक का ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है।
बस्ती में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई है। वहां बाइक सवारों को 200 रुपये और कार चालकों को 1000 रुपये तक का ही ईंधन दिया जा रहा है।

संतकबीर नगर और मऊ में पुलिस तैनात
भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए संतकबीर नगर और मऊ के कई पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेट्रोल-डीजल की बिक्री की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अफरातफरी न हो।
तेल कंपनियों का दावा- पर्याप्त स्टॉक मौजूद
राज्य स्तरीय समन्वयक (ऑयल इंडस्ट्री यूपी) के अनुसार प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 20 लाख लीटर पेट्रोल और 33 लाख लीटर डीजल की खपत होती है। इसके अलावा डिपो में 15 से 20 दिनों का बफर स्टॉक सुरक्षित रखा जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि कुछ जिलों में अचानक मांग बढ़ने और अफवाहों के कारण अस्थायी दबाव बना है, लेकिन जल्द ही आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी
इस बीच प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लखनऊ में पेट्रोल 98.40 रुपये और डीजल 91.72 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले शुक्रवार को भी ईंधन के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
लगातार बढ़ती कीमतों और किल्लत की खबरों ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
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