‘बार-बार कैसे लीक हो रहे हैं पेपर?’ NEET विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और NTA को फटकारा

SC करेगा जांच की निगरानी, NTA को फटकार; केंद्र और एजेंसी से छह सप्ताह में मांगी कार्ययोजना

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NTA और केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि बार-बार पेपर कैसे लीक हो रहे हैं। कोर्ट ने जांच की निगरानी करने और NTA को मजबूत बनाने पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच की कुछ समय तक स्वयं निगरानी करेगा। शीर्ष अदालत ने परीक्षा आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को फटकार लगाते हुए कहा कि युवाओं को इस तरह निराश नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और NTA से सवाल किया कि आखिर बार-बार पेपर लीक की घटनाएं कैसे हो रही हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा होती हैं तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

शिक्षा मंत्रालय से अलग हलफनामा मांगा

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने शिक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह अलग से हलफनामा दाखिल कर यह बताए कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और संस्थागत तरीके से संचालित करने के लिए क्या व्यवस्था बनाई जा रही है।

कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि NTA को तकनीकी, प्रशासनिक और मानव संसाधन के स्तर पर किस तरह मजबूत किया जाएगा ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

विशेषज्ञ टीम और संस्थागत व्यवस्था पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NTA के भीतर विशेषज्ञों की व्यापक टीम तैयार की जानी चाहिए और विशेष प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि एजेंसी के पास पर्याप्त भौतिक और बौद्धिक संसाधन होने चाहिए, जिससे 2024 और 2026 जैसी विवादित स्थितियों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

कोर्ट ने केंद्र सरकार और NTA को विस्तृत कार्ययोजना पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है।

“जमानत आदेश तुरंत अपलोड हों”

सुनवाई के दौरान अदालत ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

पीठ ने NTA और इस मामले की जांच के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन द्वारा दाखिल हलफनामों का भी संज्ञान लिया।

केंद्र ने कहा- पीएम मोदी खुद रख रहे नजर

केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं और परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत तंत्र तैयार किया जा रहा है।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने भी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच शुरू होने के बाद अब सभी की नजर केंद्र सरकार और NTA की अगली कार्ययोजना पर टिकी हुई है।

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