“विश्व थायरॉइड दिवस 2026 पर SGPGI लखनऊ के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग ने CME कार्यक्रम आयोजित किया। विशेषज्ञों ने ग्रेव्स रोग, गर्भावस्था में थायरॉइड विकार, नवजात स्क्रीनिंग और मोटापे से जुड़े थायरॉइड रोगों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।“
लखनऊ। विश्व थायरॉइड दिवस के अवसर पर संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग द्वारा 7 जून 2026 को सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एंडोक्रिनोलॉजी एल्युमनाई एसोसिएशन (पूर्व छात्र संघ) एसजीपीजीआई के सहयोग से किया गया, जिसमें थायरॉइड संबंधी रोगों और उनके उपचार से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
सीएमई कार्यक्रम में डॉ. मधुकर मित्तल ने ग्रेव्स रोग (Graves Disease) के निदान और उपचार पर विस्तृत व्याख्यान दिया। वहीं डॉ. अंबिका टंडन ने गर्भावस्था के दौरान होने वाले थायरॉइड विकारों और उनके प्रभावों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डॉ. सिद्धनाथ सुधांशु ने जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म की समय पर पहचान के लिए नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग की आवश्यकता और महत्व पर जानकारी दी। इसके अलावा डॉ. स्मृति पांडा ने थायरॉइड रोग और मोटापे के बीच संबंधों पर अपने शोध और चिकित्सकीय अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत एंडोक्रिनोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति दबड़गांव ने प्रतिनिधियों के स्वागत के साथ की। उन्होंने थायरॉइड रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा जानकारियों से अपडेट रखने में ऐसे आयोजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

सीएमई के दौरान विभिन्न संस्थानों से आए विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने थायरॉइड विकारों की रोकथाम, शीघ्र पहचान और प्रभावी उपचार रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव ने सभी प्रतिभागियों और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।
विश्व थायरॉइड दिवस के अवसर पर आयोजित इस शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को थायरॉइड रोगों के बदलते स्वरूप और नवीनतम उपचार पद्धतियों से अवगत कराना रहा, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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