“ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में भाजपा पर चुनावी गड़बड़ी, पंचायत चुनाव में देरी, महंगाई, स्मार्ट मीटर और विदेश नीति को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर यूपी में भी चुनाव ‘लूट’ लिए गए तो लोकतंत्र पर संकट खड़ा हो जाएगा। पढ़ें पूरी राजनीतिक खबर।“
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में चुनाव “लूटा” और बिहार में “बेईमानी” की। यदि इसी तरह की स्थिति उत्तर प्रदेश में भी पैदा हो गई तो भविष्य में चुनाव कराना मुश्किल हो जाएगा।
शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह चौधरी और उनके समर्थकों की समाजवादी पार्टी में वापसी कराई। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला।
बंगाल और बिहार का जिक्र कर भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ऐसी राजनीतिक व्यवस्था बनाना चाहती है जिसमें विपक्षी दलों के नेताओं का चुनाव जीतना मुश्किल हो जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया, जबकि बिहार में भी चुनाव के दौरान निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए।
उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह की “लूट और बेईमानी” उत्तर प्रदेश में भी हो गई तो लोकतंत्र के लिए गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
पंचायत चुनाव में देरी पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव इसलिए टाले जा रहे हैं क्योंकि भाजपा को ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी हार का डर सता रहा है।
अखिलेश ने कहा कि गांवों में किसान खाद, डीजल और अन्य आवश्यक संसाधनों की समस्या से जूझ रहे हैं। स्मार्ट मीटर योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की तैयारी कर रही है। उनके अनुसार ग्रामीण मतदाता सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठे हैं।
महंगाई को बताया सरकार की सबसे बड़ी विफलता
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल महंगाई बढ़ाना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस सिलेंडर और खाद की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी हैं।
उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब ईंधन में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाया जा रहा है, जबकि आम जनता को इसका कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल रहा।
विदेश नीति पर भी उठाए सवाल
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वहां भारतीय नागरिकों की मौत का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि भारत अधिक प्रभावी भूमिका निभाता और युद्ध को रोकने में सफल रहता तो कई जानें बच सकती थीं।
अखिलेश ने कहा कि यदि भारत वैश्विक स्तर पर युद्ध रोकने में सफल होता तो प्रधानमंत्री की अंतरराष्ट्रीय छवि और मजबूत होती तथा देश को आर्थिक नुकसान का सामना भी नहीं करना पड़ता।
‘मेक इन इंडिया’ पर भी किया कटाक्ष
भाजपा सरकार के “मेक इन इंडिया” अभियान पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार स्वदेशी की बात तो करती है, लेकिन उसकी नीतियां विदेशी कंपनियों और हितों के अनुरूप दिखाई देती हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग पहले स्वदेशी आंदोलन की बात करते थे, वे अब इस विषय पर चुप दिखाई दे रहे हैं।
राजनीतिक माहौल गरमाने के संकेत
उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों और भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों को देखते हुए अखिलेश यादव के बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनावी पारदर्शिता, महंगाई, किसानों की समस्याएं और विदेश नीति जैसे मुद्दों को उठाकर समाजवादी पार्टी भाजपा को राजनीतिक तौर पर घेरने की कोशिश कर रही है।
आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन मुद्दों को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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