वाराणसी में राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भगवान परशुराम के स्वरूप में प्रदर्शित तस्वीर को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। पढ़ें पूरी खबर।
लखनऊ/वाराणसी, 19 जून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के जन्मदिन पर जहां देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिलीं, वहीं वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को भगवान परशुराम के स्वरूप में दर्शाने वाले पोस्टर के साथ जन्मदिन मनाने पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे सनातन धर्म का अपमान बताया है।
वाराणसी में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान राहुल गांधी की एक तस्वीर प्रदर्शित की गई, जिसमें उन्हें भगवान परशुराम के रूप में दिखाया गया था। तस्वीर में एक हाथ में परशु (फरसा) और दूसरे हाथ में संविधान की प्रति दिखाई गई। कार्यक्रम के दौरान गंगा जल से जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक भी किया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिसके बाद भाजपा ने इसे मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीतिक व्यक्तित्वों की तुलना देवी-देवताओं और आराध्य स्वरूपों से करना करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।
भाजपा का तीखा हमला
भाजपा ने सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति में सनातन परंपराओं और धार्मिक प्रतीकों का सम्मान करना भूल चुकी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में प्रस्तुत करना और उनकी तस्वीर की आरती उतारना धार्मिक आस्थाओं का राजनीतिक उपयोग है।
भाजपा ने अपने बयान में कहा कि क्या राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए अब आराध्य देवताओं और धार्मिक प्रतीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। पार्टी नेताओं ने इसे “सनातन का अपमान” करार देते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जन्मदिन
जानकारी के अनुसार, महानगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में वाराणसी के दशाश्वमेध क्षेत्र स्थित मंदिर परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने पूजा-अर्चना की और आम लोगों के बीच प्रसाद एवं खिचड़ी का वितरण किया। कार्यक्रम में राहुल गांधी के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की गई।
काशी की राजनीति में बढ़ी गर्माहट
राहुल गांधी के जन्मदिन से जुड़ा यह आयोजन अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। भाजपा जहां इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बता रही है, वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य राहुल गांधी के नेतृत्व और संविधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत करना था।
हालांकि इस विवाद के बाद काशी सहित प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।
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