“G7 Summit 2026 में वायरल हुए ‘I Am The Boss’ बयान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सफाई दी है। ट्रंप ने कहा कि वह सिर्फ मजाक कर रहे थे और उनकी टिप्पणी को गलत संदर्भ में लिया गया। जानिए पूरा मामला।“
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर वैश्विक सुर्खियों में हैं। हाल ही में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान दिया गया उनका एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था, जिसमें वह विश्व नेताओं के बीच खुद को “बॉस” बताते नजर आए थे। अब इस बयान पर ट्रंप ने सफाई देते हुए कहा है कि वह केवल मजाक कर रहे थे और उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया।
वायरल वीडियो पर ट्रंप का जवाब
एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप से उनके वायरल वीडियो को लेकर सवाल पूछा गया। इंटरव्यू होस्ट ने पूछा कि जब उन्होंने G7 सम्मेलन के दौरान कमरे में प्रवेश कर कहा, “I Am The Boss”, तो वहां मौजूद नेताओं में से कितनों ने इस बात पर विश्वास किया होगा?
इस पर ट्रंप ने हंसते हुए जवाब दिया कि उनकी टिप्पणी पूरी तरह मजाकिया अंदाज में कही गई थी। उन्होंने कहा कि जब वह कमरे में पहुंचे, तब दुनिया के प्रमुख देशों के नेता पहले से वहां मौजूद थे और उन्होंने माहौल को हल्का बनाने के लिए यह टिप्पणी की थी।
“मैं सिर्फ मजाकिया बनने की कोशिश कर रहा था”
ट्रंप ने कहा कि वहां मौजूद सभी नेताओं ने उनकी बात सुनी, लेकिन उनका उद्देश्य खुद को वास्तव में बॉस बताना नहीं था। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ मजाकिया बनने की कोशिश कर रहा था। मैं बॉस बनने की कोशिश नहीं कर रहा था।”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हैरानी है कि उनकी यह टिप्पणी पूरी दुनिया में इतनी तेजी से फैल गई और उस पर गंभीर बहस शुरू हो गई।
G7 सम्मेलन के अंतिम दिन हुई थी घटना
यह घटना G7 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन की बताई जा रही है। बैठक शुरू होने से पहले जब ट्रंप सम्मेलन कक्ष में पहुंचे, तब अन्य सदस्य देशों के नेता अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। इसी दौरान ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में खुद को “बॉस” कहा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
क्या है G7 समूह?
G7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं। यह मंच वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए जाना जाता है।
G7 की शुरुआत वर्ष 1975 में हुई थी, जब फ्रांस में पहली बैठक आयोजित की गई थी। अगले वर्ष कनाडा के शामिल होने के बाद इसे G7 नाम मिला। सदस्य देश बारी-बारी से इसकी मेजबानी करते हैं और वैश्विक नीतिगत मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
ट्रंप की टिप्पणी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे ट्रंप की हास्य शैली बताया, जबकि कई लोगों ने इसे उनकी राजनीतिक शैली और आत्मविश्वास से जोड़कर देखा। हालांकि अब ट्रंप ने स्वयं स्पष्ट कर दिया है कि यह बयान किसी राजनीतिक संदेश के लिए नहीं बल्कि महज एक मजाक था।
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