Mathura Kabristan 2026: मथुरा के मनोहरपुरा स्थित 117 साल पुराने कब्रिस्तान में सफाई के दौरान बुलडोजर से नौ कब्रें, छह पेड़ और कई कंक्रीट के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। कंपनी ने प्रति कब्र और पेड़ के लिए 100 रुपये के हिसाब से 3300 रुपये का मुआवजा दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। नगर आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सफाई कार्य के दौरान एक कब्रिस्तान में बुलडोजर चलने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शहर के मनोहरपुरा स्थित 117 वर्ष पुराने कब्रिस्तान अहले मुस्लिमीन में सफाई के लिए पहुंची कंपनी के बुलडोजर ने नौ कब्रों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, छह पेड़ और 18 कंक्रीट के खंभे भी टूट गए। मामले ने तूल तब पकड़ा जब संबंधित कंपनी ने क्षतिग्रस्त कब्रों और अन्य नुकसान के बदले मात्र 3300 रुपये का मुआवजा दे दिया।
नौ कब्रें हुईं क्षतिग्रस्त, तीन कब्रें पूरी तरह खुलीं
कब्रिस्तान कमेटी के सचिव शाकिर हुसैन के अनुसार घटना 26 अप्रैल की रात की है। उनका आरोप है कि नगर निगम के अधीन सफाई कार्य कर रही नेचर ग्रीन कंपनी के कर्मचारी बुलडोजर लेकर कब्रिस्तान पहुंचे और सफाई के नाम पर कब्रों को नुकसान पहुंचाया।
अगली सुबह निरीक्षण में नौ कब्रें क्षतिग्रस्त मिलीं, जिनमें से तीन कब्रें पूरी तरह खुल गई थीं और उनमें से मानव अवशेष बाहर दिखाई देने लगे थे। इसके अलावा छह पेड़ और 18 सीमेंट के खंभे भी टूटे पाए गए।
शिकायत के बाद मिला मात्र 3300 रुपये का चेक
घटना के बाद कब्रिस्तान कमेटी ने नगर निगम, आईजीआरएस पोर्टल, वन विभाग और परिवहन विभाग से शिकायत की। शिकायत के निस्तारण के दौरान संबंधित कंपनी ने प्रति कब्र, प्रति पेड़ और प्रति खंभा 100 रुपये के हिसाब से कुल 3300 रुपये का मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा।
कंपनी ने चेक जारी करते हुए भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न होने का आश्वासन भी दिया। हालांकि कमेटी के सदस्यों ने इस मुआवजे को बेहद कम और अपमानजनक बताया है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
कब्रिस्तान कमेटी का दावा है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी तीन बार सफाई कार्य के दौरान कब्रों और परिसर को नुकसान पहुंचाया जा चुका है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कमेटी ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग नगर निगम कर्मचारियों के माध्यम से कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नगर आयुक्त ने दिए जांच के आदेश
मामले के तूल पकड़ने के बाद नगर आयुक्त जग प्रवेश ने अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह को जांच सौंपी है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि सफाई कार्य के दौरान वास्तव में कितना नुकसान हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा मामला
कब्रिस्तान धार्मिक आस्था और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है। ऐसे में कब्रों को नुकसान पहुंचने की घटना स्थानीय लोगों के बीच नाराजगी और चिंता का कारण बनी हुई है। अब सभी की नजर नगर निगम की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









