मन की बात में बोले पीएम मोदी: “समुद्र से लेकर आकाश तक भारत सुरक्षित और आत्मनिर्भर”, योग से लेकर स्वदेशी ताकत तक गिनाईं उपलब्धियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में आत्मनिर्भर भारत, योग, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, हरगिला आर्मी, खेल और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव पर चर्चा की। जानिए कार्यक्रम की प्रमुख बातें।

हाइलाइट्स:

  • पीएम मोदी ने कहा कि समुद्र से लेकर आकाश तक भारत सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है।
  • स्वदेशी युद्धपोत और मेड इन इंडिया C-295 विमान का किया उल्लेख।
  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को दुनिया को जोड़ने वाला आयोजन बताया।
  • प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और जीवन ज्योति बीमा योजना की सफलता का जिक्र किया।
  • असम की हरगिला आर्मी और पूर्णिमा देवी बर्मन के प्रयासों की सराहना की।
  • नागालैंड की खेल पहलों और नालंदा विश्वविद्यालय की शास्त्रार्थ परंपरा का उल्लेख किया।
  • केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में एआई और डेटा साइंस आधारित बीटेक कार्यक्रम की तारीफ की।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड के माध्यम से देश और दुनिया भर में बसे भारतीयों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, योग, सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, खेल और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव जैसे अनेक विषयों पर अपने विचार साझा किए।

समुद्र से आकाश तक आत्मनिर्भर भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जून का महीना भारत के लिए अनेक गौरवपूर्ण उपलब्धियां लेकर आया है। उन्होंने हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल हुए स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय का उल्लेख करते हुए कहा कि इन जहाजों की डिजाइन से लेकर निर्माण तक सब कुछ भारत में हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा क्षमता लगातार मजबूत हो रही है और देश समुद्र से लेकर आकाश तक आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने मेड इन इंडिया C-295 विमान की पहली उड़ान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे 40 विमान भारत में तैयार किए जा रहे हैं, जिससे एमएसएमई और एयरोस्पेस सेक्टर को नई मजबूती मिलेगी तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

योग ने दुनिया को जोड़ा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने इस वर्ष भी पूरी दुनिया को एक मंच पर जोड़ने का काम किया। उन्होंने बताया कि दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि भारत में करोड़ों लोगों ने इसमें भागीदारी की।

उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित विश्व योगासन चैंपियनशिप का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने प्रतियोगिता में 114 पदक हासिल किए, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर रहा।

सस्ती बीमा योजनाएं बनीं करोड़ों परिवारों का सहारा

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाएं देश के करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत केवल 20 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर दो लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाता है और अब तक 58 करोड़ से अधिक लोग इससे जुड़ चुके हैं।

इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत मात्र 436 रुपये सालाना प्रीमियम पर दो लाख रुपये का जीवन बीमा कवर मिलता है। इस योजना से अब तक 27 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

नांदेड़ के पेठकर परिवार की सराहना

प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार की सराहना की। उन्होंने बताया कि परिवार ने विवाह समारोह के अवसर पर गांव के करीब 3500 लोगों के लिए एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कराया। प्रधानमंत्री ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।

हरगिला आर्मी बनी संरक्षण का उदाहरण

प्रधानमंत्री ने असम की जीव वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन और उनकी पहल हरगिला आर्मी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने समाज में फैले अंधविश्वास को खत्म करते हुए दुर्लभ हरगिला पक्षी के संरक्षण का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है।

आज हजारों ग्रामीण महिलाएं इस अभियान का हिस्सा बनकर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता बचाने में योगदान दे रही हैं।

नागालैंड की खेल पहल की तारीफ

प्रधानमंत्री ने नागालैंड की बेबी लीग और विमेन फुटसल लीग का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहल बच्चों और महिलाओं को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने इसे जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को विकसित करने का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

शास्त्रार्थ परंपरा और AI का संगम

प्रधानमंत्री मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा शास्त्रार्थ की प्राचीन भारतीय परंपरा को पुनर्जीवित करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि तर्क, संवाद और विचार-विमर्श की यह परंपरा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक कार्यक्रम शुरू करने की पहल को आधुनिक तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा के संगम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

भारतीय संस्कृति का बढ़ता वैश्विक प्रभाव

प्रधानमंत्री मोदी ने डोमिनिकन रिपब्लिक के ‘ब्रह्मकमल डोमिनिकाना’ समूह का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं का प्रभाव दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इस समूह के सदस्य बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के केवल ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनकर वैदिक मंत्रों का सही उच्चारण सीख रहे हैं और भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की उपलब्धियां केवल सरकार की नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयासों और संकल्प का परिणाम हैं, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

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