भारतीय जल क्षेत्र में युद्ध की आहट, नौसेना अभ्यास में शामिल हुए ईरानी युद्धपोत को अमेरिका ने डुबोया

IRIS Dena Warship Sunk: “ईरान का युद्धपोत IRIS Dena जिसे भारत के Visakhapatnam में आयोजित नौसेना अभ्यास के बाद लौटते समय अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से डुबो दिया। हिंद महासागर में हुई इस घटना से Indian Ocean क्षेत्र में सुरक्षा और कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है।

हाइलाइट्स:

  • भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को अमेरिकी पनडुब्बी ने निशाना बनाया
  • जहाज Visakhapatnam में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था
  • टॉरपीडो हमला हिंद महासागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुआ
  • घटना से मध्य-पूर्व संघर्ष की गूंज भारत के समुद्री इलाके तक पहुंची
  • श्रीलंका के सर्च-एंड-रेस्क्यू जोन के पास जहाज डूबने की जानकारी

नई दिल्ली। IRIS Dena Warship Sunk की घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। ईरान की नौसेना का फ्रिगेट IRIS Dena, जो हाल ही में भारत के Visakhapatnam में आयोजित नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था, उसे अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया।

बताया जा रहा है कि यह घटना Indian Ocean में उस समय हुई जब जहाज अपने देश Iran की ओर लौट रहा था।

अमेरिकी रक्षा मंत्री का बयान

अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने पेंटागन में कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाते हुए टॉरपीडो दागा। उनके अनुसार यह जहाज अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में खुद को सुरक्षित समझ रहा था, लेकिन उसे समुद्र में ही नष्ट कर दिया गया।

उन्होंने इस ऑपरेशन को “शांत मौत” करार दिया।

भारत में नौसैनिक अभ्यास में शामिल था जहाज

ईरानी युद्धपोत IRIS Dena कुछ दिन पहले भारत के Visakhapatnam बंदरगाह पर आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसेना अभ्यास MILAN 2026 Naval Exercise में शामिल हुआ था। इस अभ्यास में कई देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया था।

Indian Navy के Eastern Naval Command ने जहाज के आगमन पर उसका औपचारिक स्वागत किया था और इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग का प्रतीक बताया था।

हिंद महासागर तक पहुंची मध्य-पूर्व जंग

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि Middle East में जारी संघर्ष की भौगोलिक सीमा को भी बढ़ाता है। जहाज के डूबने की घटना Sri Lanka के सर्च-एंड-रेस्क्यू क्षेत्र के पास बताई जा रही है, जहां समुद्र में तेल की परत और मलबा फैल गया।

इससे यह संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय संघर्ष अब हिंद महासागर जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों को भी प्रभावित कर सकता है।

भारत के लिए बढ़ी रणनीतिक चिंता

भारत के लिए यह घटना एक तरह का रणनीतिक चेतावनी संकेत मानी जा रही है। जिस युद्धपोत ने हाल ही में भारतीय बंदरगाह पर मैत्रीपूर्ण दौरा किया था, उसी को कुछ दिनों बाद समुद्र में डुबो दिया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार इससे यह सवाल भी उठता है कि अंतरराष्ट्रीय सैन्य टकराव का असर भविष्य में भारत के समुद्री व्यापार मार्गों और सुरक्षा व्यवस्था पर कितना पड़ सकता है।

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