पंजाब कांग्रेस में मनीष तिवारी की नाराजगी, बोले- ‘जो होना है वो होकर रहेगा’

पंजाब कांग्रेस में नई नियुक्तियों के बाद सांसद मनीष तिवारी की नाराजगी सामने आई है। संगठन में जिम्मेदारी नहीं मिलने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘जो होना है वो होकर रहेगा’।

नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन में वरिष्ठ नेता और चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी को कोई जिम्मेदारी नहीं मिलने के बाद उनकी नाराजगी खुलकर सामने आई है। कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि काश उनके पास “व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं” का कोई एंटीडोट होता।

दरअसल, कांग्रेस ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश संगठन में कई अहम नियुक्तियां की हैं। पार्टी ने विभिन्न चुनाव समितियों के गठन के साथ कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं, लेकिन इस पूरी कवायद में मनीष तिवारी को कोई स्थान नहीं मिला।

सोशल मीडिया पोस्ट से जाहिर की पीड़ा

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने एक समाचार रिपोर्ट साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया में लिखा, “है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे। काश मेरे पास व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का कोई एंटीडोट होता।”

उनकी इस टिप्पणी को पार्टी नेतृत्व की ओर से खुद को नजरअंदाज किए जाने पर अप्रत्यक्ष नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस से चार दशक पुराने रिश्ते का किया जिक्र

हालांकि, मनीष तिवारी ने अपनी पोस्ट में पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उन्हें पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और उन्होंने भी अपने पूरे वयस्क जीवन को कांग्रेस की सेवा के लिए समर्पित किया है।

उन्होंने लिखा कि उन्होंने दशकों तक पार्टी की निष्ठापूर्वक सेवा की है और आगे भी करते रहेंगे।

“जो होना है, वो होकर रहेगा”

अपनी प्रतिक्रिया में मनीष तिवारी ने एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा, “जो होना है, वो होकर रहेगा।” राजनीतिक हलकों में उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं और इसे पंजाब कांग्रेस की आंतरिक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम

इधर, कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब इकाई के नेतृत्व में किसी बड़े बदलाव की अटकलों को खारिज कर दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा अपने-अपने पदों पर बने रहेंगे।

चुनावी तैयारियों के लिए गठित की गई समितियां

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने के लिए कई महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

इसके अलावा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी का प्रमुख, पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंघला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष तथा सांसद अमर सिंह को घोषणापत्र समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं

मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया के बाद पंजाब कांग्रेस की आंतरिक राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और संगठनात्मक संतुलन को लेकर चर्चाएं और तेज हो सकती हैं।

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