“भारत-जापान शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच AI, फार्मा, रक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। पीएम मोदी ने ताकाइची को अपनी छोटी बहन और दूरदर्शी नेता बताया।“
नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। शिखर वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को अपनी “छोटी बहन” बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दोहराया।
“मेरी छोटी बहन और दूरदर्शी नेता हैं ताकाइची”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मेरी छोटी बहन प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची, दोनों प्रतिनिधिमंडलों के सम्मानित सदस्य और मीडिया के साथियों का स्वागत है। भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए उनकी भारत की पहली यात्रा पर उनका हार्दिक स्वागत करता हूं।”
उन्होंने कहा कि ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ एक दूरदर्शी और व्यापक रूप से सम्मानित नेता भी हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जापान का नारा प्रांत भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान दोनों एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियम आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि विश्व की प्रमुख लोकतांत्रिक और बाजार आधारित अर्थव्यवस्थाओं के रूप में दोनों देशों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि ताकाइची की इस यात्रा के साथ भारत-जापान की “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” का नया अध्याय शुरू हो रहा है।
एआई और फार्मा क्षेत्र में हुए समझौते
शिखर सम्मेलन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मास्युटिकल क्षेत्र, तकनीकी नवाचार और औद्योगिक सहयोग से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने निवेश, तकनीक हस्तांतरण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर भी सहमति जताई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से भारत में उच्च तकनीक विनिर्माण और जापानी निवेश को नई गति मिल सकती है।
रक्षा सहयोग को मिलेगा नया आयाम
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि जापान की मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स और भारतीय नौसेना के बीच संयुक्त नौसैनिक अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नौसैनिक उपकरणों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा तथा “मेक इन इंडिया” पहल के तहत रक्षा उपकरण निर्माण में भी साझेदारी को विस्तार दिया जाएगा।
ताकाइची ने मोदी को बताया ‘बड़े भाई’
जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी और दोनों देश इस अवसर को लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए इस्तेमाल करेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना “बड़ा भाई” बताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारत-जापान संबंध एक नए दौर में प्रवेश करेंगे। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जापान आने का निमंत्रण भी दिया।
राष्ट्रपति मुर्मू से भी की मुलाकात
भारत दौरे के दौरान जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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