“Gorakhpur News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की बैठक में युवाओं को AI, Cyber Security और Space Science में प्रशिक्षित करने पर जोर दिया। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।“
गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बदलते समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और स्पेस साइंस जैसे आधुनिक विषयों में दक्ष बनाना होगा। साथ ही कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों को अपनाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेज गति से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के जवान और किसान जितने सशक्त होंगे, राष्ट्र का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।
रविवार को गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में आयोजित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की साधारण बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा संस्थानों के प्रबंधकों, शिक्षकों और कर्मचारियों से समय के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों और आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाए बिना शिक्षा क्षेत्र में अपेक्षित परिवर्तन संभव नहीं है।
दिग्विजय नाथ कॉलेज ऑफ टीचर्स एजुकेशन नाम की घोषणा
बैठक के दौरान दिग्विजय नाथ एल.टी. प्रशिक्षण महाविद्यालय का नाम बदलकर “दिग्विजय नाथ कॉलेज ऑफ टीचर्स एजुकेशन” किए जाने की औपचारिक घोषणा भी की गई। इस अवसर पर शिक्षा परिषद से जुड़े पदाधिकारी और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आधुनिक तकनीकी शिक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक में स्थापित होने वाले महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (इंजीनियरिंग कॉलेज) और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से युवाओं को एआई, साइबर और स्पेस साइंस जैसे अत्याधुनिक विषयों में प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसर तकनीक आधारित होंगे, इसलिए युवाओं को अभी से तैयार करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में ऐसे पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं जो समय और आवश्यकता के अनुरूप हों तथा छात्रों को रोजगार प्राप्त करने में सहायक बनें। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहे, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बने।
कृषि विज्ञान केंद्रों को किसानों से जोड़ने का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती, नई तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है।
उन्होंने संस्थाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के किसानों के साथ नियमित संवाद स्थापित करें और उन्हें कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से अवगत कराएं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप हो शिक्षण व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की सभी संस्थाओं में इसके अनुरूप शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को ज्ञान के साथ-साथ कौशल और रोजगार से जोड़ने का माध्यम है। इसलिए संस्थानों को इसे पूरी गंभीरता के साथ लागू करना चाहिए।
नवाचार, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बनेगी पहचान
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता केवल औपचारिक कार्यों से नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, नवाचार और समर्पण से तय होती है। प्रत्येक संस्थाध्यक्ष का दायित्व है कि वह अपनी टीम के साथ मिलकर रचनात्मक और परिणामोन्मुख कार्य संस्कृति विकसित करे।
उन्होंने कहा कि संस्थानों को “लकीर का फकीर” बनने की बजाय नए प्रयोग करने चाहिए। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नवाचार, समयबद्धता और अनुशासन के माध्यम से ही कोई संस्था अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकती है।
जनता की खुशहाली में योगदान देने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने शिक्षा परिषद से जुड़े सभी पदाधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से समाज और जनता की खुशहाली में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर संस्था का उद्देश्य केवल शिक्षण कार्य तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाएं आधुनिक शिक्षा, तकनीकी कौशल विकास और कृषि नवाचार के माध्यम से पूर्वांचल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
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