जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, राजौरी-पुंछ में 21 लोगों की मौत

Jammu Kashmir Weather Update: जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ से तीन दिनों में 25 लोगों की मौत हो गई है। राजौरी-पुंछ सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा तीसरे दिन भी स्थगित है। जानिए मौसम, राहत कार्य और ताजा हालात।

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में मानसून ने भारी तबाही मचा दी है। प्रदेश में लगातार तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान राजौरी और पुंछ जिलों में हुआ है, जहां अकेले 21 लोगों की जान गई है।

लगातार बारिश के कारण कई पहाड़ी इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। सैकड़ों गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है। सड़कें क्षतिग्रस्त होने के साथ बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा तीसरे दिन भी स्थगित

खराब मौसम और सुरक्षा कारणों को देखते हुए मां वैष्णो देवी यात्रा और अमरनाथ यात्रा तीसरे दिन भी स्थगित रही। कटड़ा स्थित माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।

यात्रा स्थगित रहने से किसी बड़े हादसे को टाला जा सका है। फिलहाल प्रशासन मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

कटड़ा में करीब 20 हजार श्रद्धालु यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। बीते तीन दिनों में कटड़ा क्षेत्र में करीब 300 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में सबसे अधिक है।

राजौरी-पुंछ में सबसे ज्यादा नुकसान

भारी बारिश और भूस्खलन से राजौरी और पुंछ जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। यहां राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन के अनुसार, प्रभावित 435 मार्गों में से 356 मार्गों को बहाल कर दिया गया है।

कई इलाकों में बिजली और पेयजल व्यवस्था प्रभावित है। राहत टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है।

हाईवे पर भी असर, यातायात प्रभावित

भारी बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर प्रभावित हुआ है। उधमपुर और रामबन क्षेत्रों में पत्थर गिरने से यातायात बाधित रहा।

वहीं, जम्मू-पठानकोट हाईवे पर जलभराव की स्थिति बनी रही। राजौरी-पुंछ हाईवे भी भूस्खलन के कारण करीब ढाई घंटे तक बंद रहा।

नदियां उफान पर, बैराज खोले गए

लगातार बारिश के चलते तवी, चिनाब सहित कई नदियां और नाले उफान पर हैं। रियासी में चिनाब नदी पर बनी सलाल पनबिजली परियोजना के सभी बैराज खोल दिए गए हैं।

कई निचले इलाकों में प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।

गृह मंत्री अमित शाह ने ली स्थिति की जानकारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

उपराज्यपाल ने बताया कि प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी हैं और जरूरी सेवाओं को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

कई इलाकों में बिजली और संपर्क प्रभावित

बाढ़ और बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बड़गाम के बीरवाह में सुखनाग नाले के उफान से एक पूरा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बह गया। यहां एक व्यक्ति की मौत की भी सूचना है।

जम्मू जिले के खौड़ में आसमानी बिजली गिरने से एक मकान में दरारें आ गईं और बिजली उपकरण खराब हो गए। कठुआ में जम्मू-पठानकोट हाईवे पर कई जगह दो से तीन फीट तक पानी भर गया।

प्रशासन ने जारी की सतर्क रहने की अपील

कश्मीर के श्रीनगर, पुलवामा और बांडीपोरा समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश जारी है। सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जलस्रोतों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रही हैं।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button