“दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में सीजेपी का प्रदर्शन हिंसक हो गया। पथराव में दो एसीपी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति पर काबू पाया। देर रात तक इलाके में तनाव बना रहा।“
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में चल रहा प्रदर्शन बुधवार शाम हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच दो बार टकराव हुआ, जिसमें दो ACP समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस और RAF ने लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। देर रात तक जंतर-मंतर, संसद मार्ग और टालस्टॉय रोड के आसपास तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
शाम 4:30 बजे पहली बार भड़की हिंसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार शाम करीब 4:30 बजे कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई और पथराव होने लगा। इस दौरान पंजाबी बाग के ACP जयप्रकाश घायल हो गए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे धकेला और स्थिति पर अस्थायी रूप से नियंत्रण पा लिया।
रात 8:30 बजे फिर हुआ पथराव
करीब 8:30 बजे एनडीएमसी चौराहे और टालस्टॉय मार्ग के पास एक बार फिर प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर पत्थर और पानी की बोतलें फेंकी गईं। इस दौरान ACP विवेक भगत समेत तीन अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए। सभी घायलों को तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस से संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस और RAF ने करीब दस मिनट तक कार्रवाई करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े और सीमित लाठीचार्ज किया। इसके बाद भीड़ को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से पीछे हटाया गया। देर रात तक पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।
संसद मार्ग तक पहुंचा प्रदर्शन
बुधवार को प्रदर्शन का दायरा जंतर-मंतर से बढ़कर संसद मार्ग, टालस्टॉय मार्ग, जनपथ और अशोक रोड तक फैल गया। प्रशासन के अनुसार हजारों प्रदर्शनकारी राजधानी के विभिन्न हिस्सों में एकत्र हुए। सुरक्षा के मद्देनजर कई प्रमुख मार्गों पर यातायात रोका गया और कुछ समय के लिए आसपास के कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश एवं निकास द्वार भी बंद कर दिए गए।
CRPF की अतिरिक्त कंपनियां बुलाई गईं
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय ने CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली बुलाने का निर्णय लिया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस, अर्धसैनिक बल और RAF के जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
सरकार से बातचीत पर अड़ा प्रदर्शनकारी संगठन
प्रदर्शनकारी संगठन के प्रवक्ताओं ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत अब केवल जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर ही होगी। साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विपक्षी नेताओं ने भी जताया समर्थन
प्रदर्शन स्थल पर विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेताओं ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। इससे आंदोलन का राजनीतिक स्वरूप भी और स्पष्ट होता दिखाई दिया। दूसरी ओर प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर की जा रही है तथा कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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