“राहुल गांधी स्टूडेंट्स कैंपेन को कांग्रेस देशभर के 100 से ज्यादा कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और हॉस्टल तक ले जाने की तैयारी में है। NEET और CBSE विवादों के बीच पार्टी छात्रों से संवाद कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मुद्दा उठाएगी।“
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति को और विस्तार देने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अब राहुल गांधी के स्टूडेंट्स कैंपेन ‘छात्रों की गूंज’ को देशभर के कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और हॉस्टलों तक ले जाने की योजना बना रही है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पार्टी देश के 100 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में जाकर छात्रों से संवाद करेगी और परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में देरी और शिक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याओं पर उनकी राय जानेगी।
छात्रों से सीधा संवाद करेगी कांग्रेस
कांग्रेस की योजना के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता विभिन्न राज्यों में कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में जाकर छात्रों से बातचीत करेंगे। नेताओं का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को समझना और उन्हें एक मंच उपलब्ध कराना है।
पार्टी के अनुसार, छात्र समुदाय में परीक्षा प्रणाली को लेकर चिंता बढ़ी है और बड़ी संख्या में युवा पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
NEET और CBSE विवादों को बनाया मुद्दा
कांग्रेस का कहना है कि NEET मेडिकल प्रवेश परीक्षा, CBSE बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में सामने आई समस्याओं पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।
पार्टी नेताओं का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर सरकार पर निशाना
कांग्रेस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुए व्यवहार से देशभर के अभिभावकों में नाराजगी है।
कांग्रेस का दावा है कि जंतर-मंतर की घटना के बाद अन्य राज्यों में भी छात्रों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हुई है।
राहुल गांधी पहले भी कर चुके हैं छात्रों से संवाद
कांग्रेस के अनुसार राहुल गांधी इससे पहले भी कई राज्यों में छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं। राजस्थान के कोटा और उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित कार्यक्रमों में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया था।
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी का फोकस केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार की मांग है।
कांग्रेस बोली- अभियान का उद्देश्य राजनीतिक नहीं
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का उद्देश्य राजनीतिक लाभ लेना नहीं बल्कि छात्रों की समस्याओं को सामने लाना है।
AICC पदाधिकारी बीएम संदीप ने कहा कि छात्रों ने अपनी चिंताएं राहुल गांधी के सामने रखी थीं और इसी वजह से यह अभियान शुरू किया गया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही देश के भविष्य से जुड़ी हुई है।
छात्रों की मांगों को लेकर कांग्रेस का दावा
कांग्रेस नेताओं के अनुसार छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता
- पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था
- समय पर भर्ती परीक्षा
- परीक्षा कैलेंडर जारी करना
- जिम्मेदारी तय करना
पार्टी का कहना है कि जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक छात्रों के मुद्दों को उठाया जाता रहेगा।
विपक्षी दलों का भी मिला समर्थन
NEET और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस के आंदोलन को समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं का समर्थन मिला है। कांग्रेस इसे छात्रों से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दे के रूप में पेश कर रही है।
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