“Trump Tariff Impact on Pharma Stocks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जेनेरिक दवाओं पर भारी आयात शुल्क लगाने के ऐलान से भारतीय फार्मा शेयरों में गिरावट आई। ल्यूपिन, डॉ रेड्डीज, सिप्ला समेत कई कंपनियों के स्टॉक टूटे।“
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ प्लान का असर भारतीय फार्मा सेक्टर पर दिखाई देने लगा है। जेनेरिक दवाओं के आयात पर भारी शुल्क लगाने की घोषणा के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में फार्मा कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी बाजार पर बड़ी निर्भरता रखने वाली भारतीय दवा कंपनियों को लेकर निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दबाव ल्यूपिन के शेयरों पर देखने को मिला, जिसमें 4.21 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ का किया ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर नई टैरिफ नीति की जानकारी दी। इस नीति का उद्देश्य अमेरिका में जेनेरिक दवाओं के उत्पादन को बढ़ावा देना बताया गया है।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर शुरुआत में दो साल तक कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। यह राहत अवधि 1 अगस्त 2026 से शुरू होगी।
इसके बाद:
- अगस्त 2028 से जेनेरिक दवाओं पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा।
- अगस्त 2029 से यह शुल्क बढ़ाकर 200 प्रतिशत तक किया जा सकता है।
ट्रंप ने कहा कि यह कदम उन कंपनियों के खिलाफ होगा जो तय समय में अमेरिका में अपने उत्पादन संयंत्र स्थापित नहीं करेंगी।
भारत के फार्मा सेक्टर पर क्यों पड़ा असर?
भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं के सबसे बड़े उत्पादकों और निर्यातकों में शामिल है। अमेरिकी बाजार भारतीय दवा कंपनियों के लिए सबसे अहम बाजारों में से एक है।
कई भारतीय फार्मा कंपनियों की बड़ी कमाई अमेरिका को दवाओं के निर्यात से होती है। ऐसे में आयात शुल्क बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
ल्यूपिन समेत कई कंपनियों के शेयर टूटे
टैरिफ घोषणा के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर फार्मा कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट:
- ल्यूपिन (Lupin): 4.21 प्रतिशत गिरावट
- अरबिंदो फार्मा: 1.99 प्रतिशत नीचे
- डॉ. रेड्डीज लैब: 1.95 प्रतिशत की गिरावट
- ग्लेनमार्क फार्मा: 1.49 प्रतिशत नीचे
- अल्केम लैब: 1.43 प्रतिशत गिरा
- सिप्ला: 1.08 प्रतिशत कमजोर
- सन फार्मा: 0.98 प्रतिशत गिरावट
- बायोकॉन: 0.57 प्रतिशत नीचे
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से फार्मा निर्यात कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ को लेकर चिंता ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है।
वहीं जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि नीति संबंधी अनिश्चितता के कारण आने वाले समय में अमेरिकी बाजार पर निर्भर फार्मा कंपनियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
भारतीय कंपनियों के लिए बढ़ेगी चुनौती
यदि अमेरिका में जेनेरिक दवाओं पर भारी शुल्क लागू होता है तो भारतीय कंपनियों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। कंपनियां अमेरिका में स्थानीय उत्पादन बढ़ाने या नए बाजार तलाशने पर जोर दे सकती हैं।
फिलहाल निवेशकों की नजर ट्रंप प्रशासन की आगे की नीतियों और भारतीय फार्मा कंपनियों की प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।
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