“भारत की अनाहत सिंह ने जूनियर स्क्वैश वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 3-0 से हराकर भारत को इस प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक दिलाया।“
ओटावा। भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने कनाडा के ओटावा में आयोजित वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप 2026 में लड़कियों के एकल वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया। अनाहत ने फाइनल मुकाबले में मिस्र की दूसरी वरीय खिलाड़ी रुकैया सलेम को सीधे गेमों में 3-0 से हराकर भारत को जूनियर विश्व चैंपियनशिप का पहला खिताब दिलाया।
फाइनल में दिखाया शानदार खेल
टॉप सीड अनाहत सिंह ने फाइनल में अपनी बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। उन्होंने रुकैया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 के अंतर से मात दी। पूरे मुकाबले में अनाहत विपक्षी खिलाड़ी पर हावी रहीं और बिना कोई गेम गंवाए खिताब अपने नाम कर लिया।
दो दशक पुराना रिकॉर्ड टूटा
अनाहत की इस ऐतिहासिक जीत ने भारत के पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले भारतीय खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने वर्ष 2005 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था, जो भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
अनाहत ने अब स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय स्क्वैश के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।
मिस्र का 15 साल पुराना दबदबा खत्म
अनाहत की जीत की खास बात यह रही कि उन्होंने जूनियर महिला स्क्वैश विश्व चैंपियनशिप में मिस्र के 15 साल पुराने वर्चस्व को समाप्त कर दिया। वर्ष 2011 के बाद से इस प्रतियोगिता का खिताब लगातार मिस्र की खिलाड़ियों के पास था।
फाइनल में मिस्र की खिलाड़ी को हराकर अनाहत ने इस सिलसिले को रोक दिया।
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन
18 वर्षीय अनाहत ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने छह मुकाबलों में सिर्फ दो गेम गंवाए। खिताबी सफर के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की लिली विल्सन, हांगकांग की पुई यिन क्लोई लो और मलेशिया की डॉयस ये सैन ली को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मिस्र की हबीबा रिज्क और सेमीफाइनल में मिस्र की बार्ब समेह को मात देकर फाइनल में प्रवेश किया।
पिछले साल जीता था कांस्य पदक
अनाहत सिंह ने पिछले साल काहिरा में आयोजित जूनियर विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर भारत के 15 साल के इंतजार को खत्म किया था। इस बार उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
अब ओलंपिक पर नजर
अनाहत सिंह वर्तमान में सीनियर पीएसए रैंकिंग में दुनिया की शीर्ष 20 खिलाड़ियों में शामिल हैं। अब उनका लक्ष्य अपने इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में स्क्वैश के पदार्पण के दौरान भारत का प्रतिनिधित्व करना होगा।
अनाहत की इस उपलब्धि से भारतीय स्क्वैश को नई पहचान मिली है और देश के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का नया अध्याय शुरू हुआ है।
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