“लखनऊ के लालबाग स्थित विधायक आवास में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री नानकदीन भुर्जी सातवीं मंजिल से गिर गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस हादसा और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।“
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। लालबाग स्थित विधायक आवास में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री नानकदीन भुर्जी सातवीं मंजिल से नीचे गिर गए। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और विधायक आवास परिसर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर नानकदीन भुर्जी सातवीं मंजिल से किन परिस्थितियों में गिरे।
हादसा या आत्महत्या? पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह घटना दुर्घटना थी या फिर आत्महत्या का मामला। जांच के शुरुआती चरण में पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही है।
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और विधायक आवास में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटना की सही वजह सामने आ सके।
सिविल अस्पताल में तोड़ा दम, समर्थकों की जुटी भीड़
सातवीं मंजिल से गिरने के बाद नानकदीन भुर्जी को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल पहुंचाया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही उनके समर्थक, परिचित और राजनीतिक सहयोगी अस्पताल पहुंचने लगे। सिविल अस्पताल के बाहर समर्थकों की भीड़ जुट गई। वहीं विधायक आवास पर भी पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है।
भाजपा नेता प्रकाश पाल ने दी घटना की जानकारी
भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि नानकदीन भुर्जी विधायक आवास की सातवीं मंजिल से गिर गए हैं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया।
उन्होंने कहा कि यह हादसा है या आत्महत्या, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
परिवार का दावा- तनाव में नहीं थे नानकदीन भुर्जी
पूर्व मंत्री की मौत के बाद परिवार ने उनके तनाव में होने की बात से इनकार किया है। उनके भाई और अधिवक्ता प्रदीप भुर्जी ने बताया कि नानकदीन भुर्जी बेहद सामान्य परिवार से निकलकर अपनी मेहनत और संघर्ष के बल पर राजनीति में पहचान बनाने वाले व्यक्ति थे।
उन्होंने बताया कि उनके पिता अध्यापक थे और परिवार हमेशा सादगी भरा जीवन जीता रहा। नानकदीन भुर्जी ने लंबे समय तक सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में काम किया। समाजवादी पार्टी सरकार में उन्हें दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया गया था। बाद में वह भारतीय जनता पार्टी से भी जुड़े रहे और सक्रिय राजनीति करते रहे।
एक दिन पहले चक्कर आने की कही थी बात
प्रदीप भुर्जी ने बताया कि घटना से एक दिन पहले नानकदीन भुर्जी ने चक्कर आने की शिकायत की थी। परिवार ने उन्हें डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य बताते हुए बाद में जांच कराने की बात कही थी।
उन्होंने कहा कि नानकदीन भुर्जी मानसिक तनाव में नहीं थे और सामान्य जीवन जी रहे थे।
बेटों ने कहा- रोज की तरह सामान्य दिनचर्या थी
नानकदीन भुर्जी के बेटों उत्तम और पुरुषोत्तम ने बताया कि घटना वाले दिन उनके पिता रोज की तरह सुबह उठे, नहाए-धोए और नाश्ता करने के बाद सामान्य तरीके से घर से निकले थे।
परिवार के अनुसार उन्हें किसी तरह की परेशानी नजर नहीं आ रही थी। वह रोजाना लालबाग स्थित नए विधायक आवास जाते थे और मंगलवार को भी वह अपनी सामान्य दिनचर्या के तहत वहां पहुंचे थे।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी घटना की वजह
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नानकदीन भुर्जी की मौत के बाद राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर है। समर्थक और परिचित इस घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा था या किसी अन्य कारण से यह घटना हुई।
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