“उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति के गठन का प्रस्ताव सामने आया है। सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 31 सदस्यीय समिति बनाने का सुझाव दिया है। प्रस्ताव में UPSC, IIT, NEET, AIIMS, IIM, युवा वैज्ञानिकों, खिलाड़ियों और किसानों को शामिल करने की बात कही गई है।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल का प्रस्ताव सामने आया है। सरोजनीनगर विधानसभा से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 31 सदस्यीय ‘मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति’ के गठन का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं में असंतोष और आंदोलन देखने को मिल रहे हैं।
प्रस्ताव में कहा गया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय और युवाओं के बीच नियमित, सकारात्मक और संस्थागत संवाद स्थापित करने के लिए ऐसी समिति का गठन आवश्यक है।
युवाओं को नीति निर्माण में मिले भागीदारी
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, निवेश, आधारभूत संरचना और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब अगला कदम युवाओं को शासन और नीति निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना होना चाहिए।
उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बदलते रोजगार बाजार, स्टार्टअप संस्कृति, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल जीवनशैली के कारण युवाओं की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में सरकार और युवाओं के बीच निरंतर संवाद की व्यवस्था जरूरी है।
किन युवाओं को शामिल करने का सुझाव?
प्रस्ताव के अनुसार समिति में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 31 सदस्य हों। इनमें विशेष रूप से शामिल किए जाने का सुझाव दिया गया है—
- UPSC और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा में सफल युवा
- IIT-JEE, NEET, IIM और AIIMS से जुड़े विद्यार्थी
- ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड, कैम्ब्रिज, MIT और स्टैनफोर्ड जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्र
- युवा वैज्ञानिक और शोधकर्ता
- राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
- युवा किसान
- आकांक्षी जिलों के प्रतिनिधि
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि समिति में कम से कम 40 प्रतिशत महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाए।
हर तीन महीने होगी बैठक
विधायक ने सुझाव दिया है कि समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित हो। इसके अलावा वर्ष में एक बार ‘मुख्यमंत्री युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाए, जिसमें मुख्यमंत्री सीधे युवाओं से संवाद करें।
साथ ही ‘युवा सेतु–यूपी’ नाम से एक डिजिटल पोर्टल विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इस पोर्टल के माध्यम से युवाओं के सुझाव, समस्याएं और नीतिगत सुझाव सरकार तक पहुंचाए जा सकेंगे। समिति प्रत्येक वर्ष उत्तर प्रदेश के युवाओं की स्थिति पर एक वार्षिक रिपोर्ट भी प्रकाशित करे।
विभागों को 60 दिन में देना होगा जवाब
प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि समिति की सिफारिशों पर संबंधित विभाग 60 दिनों के भीतर अपना जवाब दें। आवश्यकता पड़ने पर समिति विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, आईटीआई, कौशल विकास संस्थानों, कोचिंग संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम भी आयोजित करे।
देश के लिए मॉडल बनने का दावा
डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि यदि उत्तर प्रदेश इस प्रस्ताव को लागू करता है, तो यह देश का पहला राज्य होगा जहां मुख्यमंत्री स्तर पर युवाओं को औपचारिक रूप से नीति निर्माण से जोड़ा जाएगा। उन्होंने इसी तरह की राष्ट्रीय युवा सलाहकार परिषद के गठन का सुझाव केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी भेजा है।
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