“उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत विपक्ष के हंगामेदार तेवरों के साथ हुई। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने राम मंदिर चंदा चोरी, पेपर लीक, 69 हजार शिक्षक भर्ती, महंगाई, किसानों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चार दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को विपक्ष के तीखे तेवरों के साथ हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर सरकार को कई जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर घेरा। विपक्ष ने राम मंदिर चंदा चोरी, पेपर लीक, 69 हजार शिक्षक भर्ती, महंगाई, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
विधानसभा परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी विधायक विधानसभा परिसर स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार पर वादाखिलाफी और जनहित की अनदेखी का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने मांग की कि सरकार छात्रों, किसानों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जवाब दे और प्रभावी कदम उठाए।
पेपर लीक और छात्र आंदोलन बना प्रमुख मुद्दा
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक तेज प्रताप यादव ने कहा कि प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। उन्होंने छात्र आंदोलनों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया और आरोप लगाया कि छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक छात्रों के हितों की लड़ाई जारी रखेगी।
शिक्षक भर्ती, महंगाई और किसानों की समस्याओं पर सवाल
पूर्व मंत्री और सपा विधायक कमाल अख्तर ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती, किसानों को खाद की उपलब्धता, बिजली संकट और शिक्षा की बढ़ती लागत जैसे मुद्दों पर सरकार अपेक्षित काम नहीं कर सकी है।
उन्होंने कोडीन कफ सिरप से जुड़े मामले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पहले कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भी हमला
पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और अन्य गंभीर घटनाओं को रोकने में सरकार प्रभावी साबित नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को जनता से जुड़े मूलभूत मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ काम करना चाहिए।
चंदा चोरी के मुद्दे पर सांकेतिक प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के कई विधायक अयोध्या में कथित चंदा चोरी के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाते दिखाई दिए। कुछ विधायक हाथों में प्रतीकात्मक दान पेटी लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
इसके साथ ही कई प्रदर्शनकारियों ने “2026 ऑडिट बुक” लिखी प्रतीकात्मक पुस्तिकाएं और विभिन्न संदेशों वाले पोस्टर लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की।
सरकार की प्राथमिकता विधायी कार्य
दूसरी ओर सरकार इस मानसून सत्र में अनुपूरक बजट, विभिन्न विधेयकों और अन्य विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इन मुद्दों को लेकर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
हंगामेदार रहने के संकेत
मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्ष के आक्रामक रुख से साफ संकेत मिल गए हैं कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर पेपर लीक, शिक्षक भर्ती, किसानों की समस्याएं, बिजली संकट, महंगाई और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिल सकता है। सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी, वहीं विपक्ष जनहित के मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर कायम है।









