संसद में संग्राम जारी: छात्र प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा, लोकसभा स्थगित

Monsoon Session 2026 के 14वें दिन लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी हंगामे के कारण दोपहर 2 बजे तक स्थगित हुई। जानिए संसद में छात्र प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चंदा विवाद और टैक्सेशन बिल से जुड़ी पूरी जानकारी।

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र 2026 के 14वें दिन गुरुवार को भी सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ। विपक्षी सांसदों के जोरदार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्षी दल जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों को लेकर लगातार सरकार से जवाब मांग रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में भी विरोध प्रदर्शन किया।

लोकसभा में हंगामा, 2 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही

गुरुवार सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई। लेकिन विपक्षी सांसदों ने अपने मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी।

विपक्ष का कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सरकार को इस मामले पर संसद में जवाब देना चाहिए।

INDIA ब्लॉक नेताओं ने बनाई रणनीति

संसद भवन में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में INDIA ब्लॉक के नेताओं की बैठक हुई। बैठक में संसद की रणनीति और सरकार को घेरने वाले मुद्दों पर चर्चा की गई।

विपक्षी दलों का कहना है कि छात्र आंदोलनों से जुड़े मामलों पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।

संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों पर बल प्रयोग किया गया।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग भी की।

आज के एजेंडे में टैक्सेशन बिल

लोकसभा के कामकाज में टैक्सेशन और दूसरे कानून (संशोधन) बिल, 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

यह विधेयक पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007, इनकम टैक्स एक्ट, 2025 और फाइनेंस एक्ट, 2026 में बदलाव से संबंधित है।

वहीं राज्यसभा में एप्रोप्रिएशन (नंबर-3) बिल, 2026 को चर्चा और वापसी के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

मेटा विवाद पर बीजेपी सांसद का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा वीडियो कुछ समय के लिए हटाए जाने के मामले में मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की माफी पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि यह भारत के कानून, संविधान और संसद की जीत है। उन्होंने कहा कि भारत में कारोबार करने वाली सभी कंपनियों को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा।

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