राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला, कानून व्यवस्था को लेकर कही बड़ी बात

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वदेशी आंदोलन, हथकरघा उद्योग और उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों पर विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी राजनीतिक हमला बोलते हुए कानून व्यवस्था और रोजगार को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

लखनऊ। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने में हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लाखों परिवार इस उद्योग से जुड़े हैं और सरकार उनके विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 7 अगस्त 1905 को शुरू हुआ स्वदेशी आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक कदम था। उनके अनुसार स्वदेशी केवल आर्थिक नीति नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार है।

हथकरघा उद्योग से लाखों परिवार जुड़े

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब ढाई लाख परिवार सीधे हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं। पावरलूम क्षेत्र को शामिल करने पर लगभग 30 लाख लोगों की आजीविका इस क्षेत्र पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हस्तशिल्पियों को आर्थिक सहायता, बिजली अनुदान और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया है।

उन्होंने भदोही के कालीन उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकारी प्रयासों से इस क्षेत्र को नई पहचान मिली है और निर्यात में भी वृद्धि हुई है।

विपक्ष पर लगाए आरोप

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कानून व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने सुरक्षा, सड़क, बिजली, शिक्षा और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए हैं।

महिलाओं और कारीगरों के लिए योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा उद्योग में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं। सरकार महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और कारीगरों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारंपरिक उद्योगों को नई तकनीक और बाजार से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

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