“लखनऊ में GST ऑफिसर्स सर्विस एसोसिएशन के 55वें अधिवेशन में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कैडर पुनर्गठन, पदोन्नति और पदनाम बदलने की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी भी चुनी गई।“
लखनऊ। प्रदेश के राज्य कर विभाग के अधिकारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने GST ऑफिसर्स सर्विस एसोसिएशन के 55वें वार्षिक अधिवेशन में अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि कैडर पुनर्गठन, समय से पदोन्नति और पदनाम बदलने जैसी मांगों को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से भी बातचीत की जाएगी।
रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित अधिवेशन में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कर विभाग प्रदेश के कुल राजस्व में आधे से अधिक का योगदान करता है। ऐसे में विभाग के अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए।
कैडर पुनर्गठन जरूरी, समय से होगी पदोन्नति
ब्रजेश पाठक ने कहा कि GST अधिकारियों के कैडर का पुनर्गठन किया जाना जरूरी है। इसके साथ ही अधिकारियों को समय से पदोन्नति मिलने और पदनाम में आवश्यक बदलाव किए जाने की मांग पर भी गंभीरता से काम किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को आश्वासन दिया कि एसोसिएशन की मांगों को संबंधित स्तर पर मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने भी रखा जाएगा, ताकि लंबित मांगों के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
प्रदेश के राजस्व में अहम योगदान
उप मुख्यमंत्री ने GST विभाग की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में राज्य कर विभाग का महत्वपूर्ण योगदान है। GST संग्रह के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि GST प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण संस्थान बन चुका है। ऐसे में विभाग में काम करने वाले अधिकारियों का सम्मान और उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान जरूरी है।
गलत तरीके से दी गई बैड एंट्री पर भी कार्रवाई का भरोसा
अधिवेशन के दौरान ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को कार्य के दौरान तनाव नहीं लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी को गलत तरीके से बैड एंट्री या प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अधिकारियों की मांगों को पुराने जमाने की बैरंग चिट्ठी की तरह आगे बढ़ाया जाएगा, जिसकी मंजिल तक पहुंचने की पूरी गारंटी होती थी। उनके इस बयान का उद्देश्य अधिकारियों को उनकी मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाना था।
एसोसिएशन ने सौंपा मांगपत्र
अधिवेशन के दौरान GST ऑफिसर्स सर्विस एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्योति स्वरूप शुक्ला और महासचिव अरुणेश सिंह ने उप मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपा। इसमें अधिकारियों की सेवा संबंधी कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं।
मांगपत्र में कैडर पुनर्गठन, अपर आयुक्त ग्रेड-एक के स्वीकृत पदों पर नियमों के विपरीत IAS अधिकारियों की तैनाती नहीं करने और वर्ष 2024-25 तथा 2025-26 में अधिकारियों को दिए गए अतार्किक दंड एवं प्रतिकूल प्रविष्टियों को समाप्त करने की मांग प्रमुख थी।
इसके अलावा राज्य कर विभाग के अधिकारियों को प्रोविंशियल रेवेन्यू सर्विसेज कैडर दिए जाने की मांग भी रखी गई।
नई प्रदेश कार्यकारिणी का चुनाव
अधिवेशन के बाद एसोसिएशन की नई प्रदेश कार्यकारिणी के लिए मतदान कराया गया। इसमें विजय सिंह बिसेन को नया अध्यक्ष चुना गया, जबकि मनोज कुमार मिश्रा महासचिव निर्वाचित हुए।
उपाध्यक्ष पद पर धीरज राय, रणंजय यादव और नीरज कुमार चुने गए। मिथिलेश शुक्ला को संरक्षक, प्रशांत सक्सेना को ऑडिटर और संदीप कुमार कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
वहीं पारुल राजवंशी, साहिल वर्मा, अरविन्द अवस्थी और दिव्या शुक्ला को संयुक्त सचिव चुना गया।
मांगों पर आगे की कार्रवाई पर नजर
GST अधिकारियों की ओर से लंबे समय से कैडर पुनर्गठन, पदोन्नति, पदनाम परिवर्तन और सेवा संबंधी अन्य मांगें उठाई जाती रही हैं। अब उप मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अधिकारियों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर है।
खास तौर पर कैडर पुनर्गठन और स्वीकृत पदों पर नियुक्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर विभागीय स्तर पर होने वाले निर्णय महत्वपूर्ण होंगे। मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के बाद इन मांगों पर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर अधिकारियों और एसोसिएशन की नजर रहेगी।









