“Rahul Gandhi Student Convention 2026: राहुल गांधी 17 जून से कोटा, इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में छात्र सम्मेलन अभियान शुरू करेंगे। पेपर लीक, NEET विवाद, परीक्षा घोटालों और युवाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी।“
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 17 जून से देशभर में छात्र सम्मेलनों की एक बड़ी श्रृंखला शुरू करने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी कथित परीक्षा घोटालों, पेपर लीक मामलों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी में है। इस अभियान की शुरुआत राजस्थान के कोटा से होगी, जिसे देश की सबसे बड़ी कोचिंग नगरी माना जाता है।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी 17 जून को कोटा में पहला छात्र सम्मेलन करेंगे। इसके बाद 10 जुलाई को इलाहाबाद (प्रयागराज), 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में बड़े छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
छात्रों और अभ्यर्थियों को जोड़ने की तैयारी
कांग्रेस के अनुसार इन सम्मेलनों में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी, शिक्षक, युवा संगठन, कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग और परीक्षा घोटालों से प्रभावित उम्मीदवार शामिल होंगे। पार्टी का उद्देश्य युवाओं को एक साझा मंच देना है, जहां वे अपनी समस्याएं और अनुभव खुलकर साझा कर सकें।

केसी वेणुगोपाल ने कहा कि देशभर में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस कमेटियों और जिला इकाइयों के माध्यम से छात्रों तक पहुंच बनाई जाएगी। इसके लिए कैंपस आउटरीच, कोचिंग सेंटरों में संवाद, विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम, सोशल मीडिया अभियान, डिजिटल निमंत्रण और लाइव स्क्रीनिंग जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था बनेगा मुख्य मुद्दा
कांग्रेस का आरोप है कि हाल के वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक तथा प्रशासनिक लापरवाही के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। पार्टी इन मामलों में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
राहुल गांधी लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की बात करते रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा को भ्रष्टाचार तथा अव्यवस्था की भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
इस अभियान के दौरान कांग्रेस कई मांगों को प्रमुखता से उठाएगी। इनमें परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, परीक्षा शुल्क समाप्त करने पर विचार, राष्ट्रीय परीक्षाओं के विकेंद्रीकरण और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग शामिल है।
पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग भी दोहरा सकती है। कांग्रेस का कहना है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
युवाओं के मुद्दों पर राष्ट्रीय बहस की कोशिश
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि परीक्षा घोटाले केवल शैक्षणिक समस्या नहीं बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है। राहुल गांधी का यह अभियान युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए युवाओं, छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस का यह अभियान आने वाले समय में राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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