“संसद का मॉनसून सत्र 2026 में विपक्ष और सरकार के बीच गतिरोध जारी है। NDA सांसदों ने विपक्ष के विरोध में संसद परिसर में मार्च निकाला। अमित शाह के बयान और छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।“
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के 17वें दिन मंगलवार को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी रहा। विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बीच भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने संसद परिसर में मार्च निकालकर विपक्ष के रवैये का विरोध किया। NDA सांसदों का आरोप है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है।
इससे पहले मंगलवार सुबह NDA संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक मंगल मिलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सहित NDA के अन्य नेता और सांसद शामिल हुए। बैठक के दौरान सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ तिरंगा भी लहराया।
मकर द्वार की ओर निकाला विरोध मार्च
बैठक के बाद NDA सांसदों ने संसद परिसर में विपक्ष के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। सांसद हाथों में प्लेकार्ड लेकर संसद के मकर द्वार की ओर बढ़े। NDA नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने नहीं दे रहा है, जबकि सरकार विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
सत्ता पक्ष की ओर से विशेष रूप से झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब का मुद्दा उठाया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें संसद से ‘भागना’ नहीं चाहिए, क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह उनके उठाए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
‘विपक्ष बार-बार बदल रहा है अपनी मांग’
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर सदन के कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरे सत्र में लगातार व्यवधान पैदा करता रहा है। उनके मुताबिक, जब सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष बार-बार अपनी मांग और मुद्दा बदल रहा है।
चिराग पासवान ने कहा कि कभी विपक्ष एक मुद्दे पर चर्चा की मांग करता है और फिर दूसरे मुद्दे पर जवाब मांगने लगता है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष और राहुल गांधी के इस रवैये से संसद के कामकाज को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
अरुण गोविल बोले- चर्चा के लिए तैयार है सरकार
NDA के विरोध मार्च में शामिल भाजपा सांसद अरुण गोविल ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से पीछे हट रहा है। उन्होंने विपक्ष के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताया।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस झारखंड सरकार में सहयोगी है और छात्रों को केवल बयान नहीं बल्कि कार्रवाई चाहिए।
मनोज तिवारी और कंगना रनौत ने भी साधा निशाना
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जवाब देने के लिए तैयार हैं और राहुल गांधी को चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने झारखंड में छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया।
वहीं भाजपा सांसद कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चर्चा से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद को सुचारू रूप से चलने नहीं दे रहा है। कंगना ने दावा किया कि शुरुआत में विपक्ष की ओर से एक विशेष प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा की मांग की गई थी, लेकिन बाद में चर्चा के लिए बुलाए जाने पर इससे इनकार कर दिया गया।
विपक्ष के हंगामे के आसार
मॉनसून सत्र के 17वें दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने के आसार हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि वह संबंधित मुद्दों पर सदन में चर्चा और जवाब देने के लिए तैयार है।
ऐसे में मंगलवार को संसद की कार्यवाही के दौरान भी हंगामा और राजनीतिक गतिरोध देखने को मिल सकता है। NDA का विरोध मार्च इसी राजनीतिक टकराव के बीच सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।








