“हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धिकरण हवन का मामला राज्यसभा पहुंच गया। खरगे ने इसे अपमानजनक बताते हुए अछूत जैसा व्यवहार कहा। जेपी नड्डा ने घटना की जांच का भरोसा दिया।“
नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। गुरुवार को राज्यसभा में खरगे ने इस घटना का जिक्र करते हुए इसे अपने लिए अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि वह अनुसूचित जाति से आते हैं और उनके साथ अछूत जैसा व्यवहार किया गया।
खरगे ने कहा कि आठ अगस्त को उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। उनके मुताबिक, भाषण के दौरान उन्होंने किसी धर्म या समुदाय का नाम नहीं लिया, बल्कि सरकार से जुड़े मुद्दे उठाए थे। इसके बावजूद उनके भाषण के बाद उसी मंच का कथित तौर पर हवन कर शुद्धिकरण किया गया।
‘क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है?’
राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं और लंबे समय से सदन के सदस्य रहे हैं। ऐसे में किसी जनसभा के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाना उन्हें बेहद अपमानजनक लगा।
खरगे ने कहा कि उन्होंने हल्द्वानी में सरकार से जुड़े मुद्दों को उठाया था और किसी धर्म या समुदाय को निशाना नहीं बनाया था। इसके बावजूद उनके संबोधन के बाद जिस तरह से मंच का शुद्धिकरण किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है।
‘मैं अनुसूचित जाति से आता हूं, दलित हूं’
मल्लिकार्जुन खरगे ने भावुक अंदाज में कहा कि वह इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते। उन्होंने कहा कि वह अनुसूचित जाति से आते हैं और दलित हैं, लेकिन उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में किसी से अपने लिए मदद या संरक्षण की गुहार नहीं लगाई।
खरगे ने कहा कि उनमें लड़ने की ताकत है और वह हमेशा अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं। लेकिन उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जाना कि उनके जाने के बाद मंच को ‘शुद्ध’ करना पड़े, बेहद पीड़ादायक है।
उन्होंने कहा कि उनके साथ अछूत जैसा व्यवहार किया गया और यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं है, बल्कि संविधान में दिए गए समानता के सिद्धांत पर भी सवाल खड़ा करता है।
जेपी नड्डा बोले- घटना दुखद, भाजपा नहीं करती समर्थन
खरगे के आरोपों का जवाब देते हुए राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घटना पर दुख जताया। नड्डा ने कहा कि जो कुछ हुआ, वह न सिर्फ खरगे या कांग्रेस के लिए बल्कि पूरे देश के लिए दुखद है।
जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि भाजपा इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि वह ऐसी घटना की निंदा करते हैं और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
नड्डा ने खरगे को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हल्द्वानी में जो कुछ हुआ, उसकी निश्चित रूप से जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर पर भी इस मामले को देखा जाएगा।
नड्डा ने कहा- भाजपा ऐसी गतिविधियों के पक्ष में नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा की ओर से इस तरह की गतिविधियों को कभी समर्थन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना से खरगे की भावनाएं आहत हुई हैं, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।
नड्डा के इस बयान के बाद राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी राजनीतिक बहस की संभावना के बीच जांच का भरोसा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुमारी शैलजा ने साधा भाजपा और आरएसएस पर निशाना
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने भी हल्द्वानी की घटना को लेकर भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ समानता और संविधान की बात की जाती है, जबकि दूसरी तरफ विपक्ष के नेता के कार्यक्रम के बाद इस तरह का कथित शुद्धिकरण किया जाता है।
कुमारी शैलजा ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के कार्यक्रम के बाद उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए मंच का शुद्धिकरण किया जाना समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।
उन्होंने उत्तराखंड में भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई होनी चाहिए। शैलजा ने कहा कि जरूरत ऐसी सोच और मानसिकता से ‘शुद्धिकरण’ की है, जो समाज में भेदभाव को बढ़ावा देती है।
घटना ने छेड़ी सामाजिक समानता पर बहस
हल्द्वानी की इस घटना ने एक बार फिर जातिगत भेदभाव, सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों को लेकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। एक ओर खरगे ने इसे अपने व्यक्तिगत अपमान के साथ-साथ संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर राज्यसभा में उठाया, वहीं केंद्र सरकार की ओर से इसकी जांच का भरोसा दिया गया है।
अब पूरे मामले में जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि रामलीला मैदान में हुआ कथित शुद्धिकरण किसके द्वारा कराया गया, इसके पीछे क्या वजह थी और इस संबंध में जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
मुख्य बिंदु
- हल्द्वानी में आठ अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे ने रामलीला मैदान में रैली की थी।
- रैली के बाद मंच पर कथित तौर पर शुद्धिकरण हवन किए जाने का मामला सामने आया।
- खरगे ने राज्यसभा में घटना को अपमानजनक और अछूत जैसा व्यवहार बताया।
- खरगे ने कहा कि वह अनुसूचित जाति से आते हैं और दलित हैं।
- जेपी नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए जांच का भरोसा दिया।
- नड्डा ने कहा कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती।
- कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने घटना को संविधान में निहित समानता के सिद्धांत से जोड़ा।








