बिजली के मुद्दे पर एके शर्मा का अखिलेश यादव पर तंज, बोले- वह बोलते हैं तो जनता हंसती है

“अखिलेश यादव बिजली बयान पर यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मऊ में पलटवार किया। शर्मा ने किसानों, बिजली उपभोक्ताओं और प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को लेकर सपा प्रमुख पर सवाल उठाए।“

मऊ। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बिजली और किसानों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। मऊ नगर क्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में शर्मा ने बिजली, किसानों, विद्युत उपभोक्ताओं और समाजवाद सहित कई मुद्दों पर अखिलेश यादव को घेरा।

बिजली-पानी के दावे पर एके शर्मा का सवाल

ऊर्जा मंत्री ने अखिलेश यादव के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने सत्ता में आने पर किसानों को बिजली और पानी उपलब्ध कराने की बात कही थी। शर्मा ने कहा कि यदि किसानों को बिजली-पानी उपलब्ध कराने की बात की जा रही है तो यह भी बताया जाना चाहिए कि पिछली सरकार के कार्यकाल में किसानों को यह सुविधा पर्याप्त रूप से क्यों नहीं मिली।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव जब बिजली के मुद्दे पर बोलते हैं तो प्रदेश की जनता को हंसी आती है। शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश के बजाय कुछ खास क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलने की बातें सामने आती थीं।

2017 से पहले बिजली के ढांचे पर उठाए सवाल

एके शर्मा ने प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को लेकर 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय बड़ी संख्या में गांवों और मजरों में बिजली का बुनियादी ढांचा पूरी तरह विकसित नहीं था और कई इलाकों में बिजली के खंभे तथा तार तक नहीं पहुंचे थे।

मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश में विद्युतीकरण का विस्तार हुआ है और बड़ी संख्या में नए परिवार बिजली कनेक्शन से जुड़े हैं। उनके अनुसार, मौजूदा सरकार पुराने विद्युत ढांचे की कमियों को दूर करने की दिशा में काम कर रही है।

1.80 करोड़ से बढ़कर करीब 3.70 करोड़ हुए उपभोक्ता

ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.80 करोड़ के आसपास रही, जबकि अब यह संख्या लगभग 3.70 करोड़ तक पहुंच गई है।

शर्मा ने इसे राज्य में बिजली कनेक्शनों के विस्तार का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था में पिछली सरकारों के समय रह गई कमियों को वर्तमान सरकार दूर करने का प्रयास कर रही है।

राजनीतिक रंगों को लेकर भी अखिलेश पर निशाना

अखिलेश यादव के राजनीतिक रंगों से जुड़े बयानों पर भी एके शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। हरे रंग को हरियाली और लाल रंग को क्रांति का प्रतीक बताए जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग प्रतीकों की व्याख्या करते हैं।

शर्मा ने लाल टोपी, हरे रंग और काली सदरी का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव के राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने पीडीए को लेकर भी सपा प्रमुख पर निशाना साधा और कहा कि अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच इसकी अलग-अलग व्याख्या की जाती है।

चौधरी चरण सिंह के नाम पर भी साधा निशाना

किसानों के मुद्दे पर एके शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के लिए संघर्ष किया था, लेकिन आरोप लगाया कि अखिलेश यादव किसानों के हितों का उसी तरह प्रतिनिधित्व नहीं करते और न ही उनके आदर्शों पर चलते हैं।

शर्मा ने अखिलेश यादव की राजनीति को लेकर अपने बयान में इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया।

समाजवाद को लेकर पत्रकारों से भी कही बात

अखिलेश यादव के पत्रकारों को समाजवाद पढ़ने की सलाह देने संबंधी सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पत्रकारों ने पर्याप्त अध्ययन किया है और उन्हें अखिलेश यादव के बताए समाजवाद की पढ़ाई करने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने समाजवाद को लेकर अपनी राजनीतिक व्याख्या रखते हुए सपा सरकार के कार्यकाल पर कई आरोप लगाए। शर्मा ने पिछली सरकार के दौर में गरीबों, महिलाओं और अन्य वर्गों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।

बिजली और किसान मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज

एके शर्मा के बयान के बाद प्रदेश में बिजली, किसानों और समाजवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। ऊर्जा मंत्री ने जहां मौजूदा सरकार के दौरान विद्युत व्यवस्था में हुए विस्तार को सामने रखा, वहीं अखिलेश यादव के बयानों पर सवाल उठाए।

शर्मा के आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने के बाद इस राजनीतिक बहस का अगला पक्ष स्पष्ट होगा।

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