‘कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं… कुछ खाकी पहनकर जमीन पर’, अमिताभ बच्चन ने सराहा यूपी पुलिस का गीत

उत्तर प्रदेश पुलिस के पहले आधिकारिक गीत ‘खाकी का सितारा’ को अभिनेता अमिताभ बच्चन ने इंटरनेट मीडिया पर साझा कर सराहा। गीत में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, तकनीक, आपदा राहत और जनसेवा में पुलिस की भूमिका को दिखाया गया है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के पहले आधिकारिक गीत ‘खाकी का सितारा’ को फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन की सराहना मिली है। गीत को अपने इंटरनेट मीडिया पर साझा करते हुए अमिताभ बच्चन ने लिखा, ‘कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं… कुछ खाकी पहनकर जमीन पर।’ उनके इस संदेश के बाद यह गीत चर्चा में आ गया है।

अमिताभ बच्चन ने इसे महज म्यूजिक वीडियो नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की जिम्मेदारियों और उसके कामकाज के विभिन्न पहलुओं को सामने लाने का प्रयास बताया। गीत के जरिए वर्दी के पीछे मौजूद पुलिसकर्मी के कर्तव्य, चुनौतियों और जनसेवा के भाव को सामने लाने की कोशिश की गई है।

कानून-व्यवस्था से जनसेवा तक खाकी के कई रंग

‘खाकी का सितारा’ में उत्तर प्रदेश पुलिस की अलग-अलग जिम्मेदारियों को दिखाया गया है। इसमें कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर महिला सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, तकनीक के इस्तेमाल, आपदा एवं राहत कार्य और आम लोगों की सहायता तक पुलिस की भूमिका को शामिल किया गया है।

गीत में यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पुलिस की ड्यूटी केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। त्योहारों में भीड़ प्रबंधन हो, आपदा के समय राहत और बचाव कार्य हो या रोजमर्रा की कानून-व्यवस्था, खाकी हर परिस्थिति में लोगों के बीच मौजूद रहती है।

वर्दी के पीछे के इंसान को दिखाने की कोशिश

इस गीत की खास बात यह है कि इसमें पुलिसकर्मी की ड्यूटी के साथ उसके निजी जीवन की चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया है। संदेश दिया गया है कि वर्दी पहनने वाला व्यक्ति भी एक परिवार का हिस्सा होता है, लेकिन ड्यूटी के दौरान उसे कई बार अपने परिवार और निजी जीवन से दूर रहकर जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।

गीत के माध्यम से उस पुलिसकर्मी को सामने लाने की कोशिश की गई है जो बिना किसी पहचान या अपेक्षा के अपने कर्तव्य का निर्वहन करता है। त्योहार हो या आपदा, भीड़ का दबाव हो या कानून-व्यवस्था की चुनौती, खाकी की मौजूदगी हर जगह दिखाई देती है।

महाकुंभ से स्वतंत्रता दिवस तक हुई शूटिंग

‘खाकी का सितारा’ की शूटिंग एक-दो दिन में पूरी नहीं हुई। इसके लिए अलग-अलग मौकों और परिस्थितियों को कैमरे में कैद किया गया। इसकी शूटिंग महाकुंभ-2025 से लेकर स्वतंत्रता दिवस-2026 तक के विभिन्न अवसरों के दौरान की गई।

इस दौरान पुलिस की ड्यूटी के अलग-अलग स्वरूपों को रिकॉर्ड किया गया, ताकि गीत में उत्तर प्रदेश पुलिस की वास्तविक कार्यशैली और जनसेवा की तस्वीर दिखाई जा सके।

अमिताभ बच्चन की आवाज, शंकर महादेवन का संगीत

‘खाकी का सितारा’ को खास बनाने में दिग्गज कलाकारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। गीत में अमिताभ बच्चन की प्रभावशाली आवाज है, जबकि पद्मश्री शंकर महादेवन ने इसमें स्वर और संगीत दिया है।

अमिताभ बच्चन द्वारा गीत को इंटरनेट मीडिया पर साझा किए जाने के बाद इसे व्यापक स्तर पर लोगों का ध्यान मिला। उनके संदेश ने पुलिसकर्मियों के कर्तव्य और समर्पण को रेखांकित करने वाले इस प्रयास को एक अलग पहचान दी है।

14 अगस्त को लोक भवन में हुआ शुभारंभ

उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक गीत ‘खाकी का सितारा’ का शुभारंभ 14 अगस्त को लखनऊ स्थित लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। यह पहल प्रदेश पुलिस की भूमिका और उसके जनसेवा से जुड़े कार्यों को एक अलग रचनात्मक माध्यम से सामने लाने के उद्देश्य से की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में कानून-व्यवस्था को प्रमुख स्थान दिया जाता रहा है। ऐसे में ‘खाकी का सितारा’ के जरिए पुलिस की इसी जिम्मेदारी और उसके विभिन्न मानवीय पहलुओं को अलग अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।

‘खाकी का सितारा’ का मूल संदेश

गीत का मूल संदेश यही है कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा का भी प्रतीक है। आम लोगों की सुरक्षा से लेकर आपदा के समय मदद तक, पुलिसकर्मी कई परिस्थितियों में अपने निजी जीवन से ऊपर ड्यूटी को प्राथमिकता देते हैं।

अमिताभ बच्चन की पंक्ति ‘कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं… कुछ खाकी पहनकर जमीन पर’ इसी भावना को अभिव्यक्त करती है। ‘खाकी का सितारा’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस ने वर्दी के पीछे छिपे उस मानवीय पक्ष और कर्तव्य भावना को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है।

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