“ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ ने तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की। गालिबाफ ने अमेरिका पर जून के 14-सूत्रीय MoU के वादों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।“
तेहरान: बढ़ते तनाव के बीच आसिम मुनीर की ईरान यात्रा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच जारी खींचतान के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर सोमवार को तेहरान पहुंचे। यहां उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की। इसी दौरान ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ ने उनसे मुलाकात की।
बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, अमेरिका के साथ हुए समझौते और पश्चिम एशिया में स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। गालिबाफ ने अमेरिका पर जून में हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत किए गए वादों को बार-बार तोड़ने का आरोप लगाया।
गालिबाफ ने अमेरिका पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप
ईरानी संसद अध्यक्ष ने कहा कि MoU में दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां और वादे स्पष्ट रूप से दर्ज थे, लेकिन अमेरिका ने अपने दायित्वों का पालन नहीं किया। उनके मुताबिक अमेरिकी रुख ने क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करने की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया है।
गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका की ओर से कथित तौर पर वादे तोड़े जाने से ईरान में अविश्वास की स्थिति और गहरी हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान समझौते की शर्तों को लागू करने की दिशा में अपनी कोशिश जारी रखेगा।
होर्मुज और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी थी बातचीत
जून में हुए 14-सूत्रीय MoU का उद्देश्य पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और तकनीकी बातचीत के लिए रास्ता तैयार करना बताया गया था। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत भी शामिल थी।
गालिबाफ के मुताबिक ईरान समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अमेरिका से भी अपने वादे निभाने की अपेक्षा कर रहा है।
आसिम मुनीर ने भी स्थिरता के प्रयास जारी रखने की बात कही
बैठक के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने क्षेत्र में स्थिरता लाने के अपने प्रयास जारी रखने की बात कही। पाकिस्तान इससे पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच संवाद को आसान बनाने की कोशिश करता रहा है।
पाकिस्तान की यह भूमिका ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव के बीच तेहरान और वाशिंगटन के बीच अविश्वास बना हुआ है।
ईरान-पाकिस्तान संबंधों को बताया ‘बेहद खास’
मुनीर के तेहरान पहुंचने से पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ईरान और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर सकारात्मक बयान दिया था।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध अपने सबसे अच्छे दौर में हैं और दोनों पक्ष सभी क्षेत्रों में इन रिश्तों को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ईरान की ओर से मुनीर की यात्रा को दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों के संदर्भ में देखा गया है।
ओमान के विदेश मंत्री की यात्रा से अलग है मुनीर का दौरा
आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा के साथ ही ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी की ईरान यात्रा भी प्रस्तावित है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय ने दोनों यात्राओं के बीच किसी तरह के संबंध से इनकार किया है।
प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि दोनों दौरे लगभग एक ही समय पर हो रहे हैं, लेकिन उनका आपस में कोई संबंध नहीं है।
ओमान के विदेश मंत्री मंगलवार को तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा, होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री यातायात से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पाकिस्तान पहले भी बना है संवाद का माध्यम
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच पाकिस्तान पहले भी वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत को आसान बनाने की कोशिश कर चुका है। जून में भी दोनों पक्षों के बीच एक अंतरिम समझौते की कोशिश की गई थी, हालांकि वह प्रयास सफल नहीं हो सका।
ऐसे में आसिम मुनीर का ईरान दौरा क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पाकिस्तान एक ओर ईरान के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, वहीं क्षेत्रीय तनाव कम करने में भी अपनी भूमिका तलाश रहा है।
मक्का रक्षा समझौते के बाद बढ़ी क्षेत्रीय हलचल
मुनीर की ईरान यात्रा पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच 7 अगस्त को हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के कुछ समय बाद हुई है।
समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। ऐसे में ईरान की यात्रा और वहां हुई उच्चस्तरीय बातचीत को पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर टिकी निगाहें
आसिम मुनीर और गालिबाफ की मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब ईरान-अमेरिका तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।
ईरान का अमेरिका पर MoU के वादों का पालन नहीं करने का आरोप और पाकिस्तान की क्षेत्रीय संवाद में भूमिका आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की कूटनीति के लिए अहम हो सकती है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत की कोई नई राह निकलती है या क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









