“Mount Kun Summit: मऊ के पर्वतारोही अनंत सिंह ने लद्दाख की 7,077 मीटर ऊंची Mount Kun चोटी फतह कर तिरंगा फहराया। 13 सदस्यीय जर्मन दल के साथ शुरू अभियान में नौ पर्वतारोही शिखर तक पहुंचे। अब एवरेस्ट लक्ष्य है।“
मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के पर्वतारोही अनंत सिंह ने लद्दाख की 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन चोटी पर तिरंगा फहराकर जिले का नाम रोशन किया है। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के बरस्वां गांव निवासी अनंत सिंह ने 22 अगस्त को कठिन परिस्थितियों के बीच चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। उनके इस अभियान में 13 सदस्यीय जर्मन पर्वतारोहण दल भी शामिल था, जिसमें नौ पर्वतारोहियों ने शिखर तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
ऑक्सीजन की कमी और बर्फीली हवाओं के बीच चुनौतीपूर्ण चढ़ाई
अनंत सिंह के मुताबिक माउंट कुन का अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। करीब सात हजार मीटर से अधिक की ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी के साथ तेज हवाओं, लगातार बदलते मौसम और कड़ाके की ठंड ने चढ़ाई को और कठिन बना दिया। इसके अलावा कई हिस्सों में तकनीकी और बर्फीली चढ़ाई का सामना करना पड़ा।
चढ़ाई के दौरान पर्वतारोहियों ने क्रैम्पान, रस्सियों और अन्य जरूरी पर्वतारोहण उपकरणों की मदद ली। हर कदम पर मौसम और परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लेना पड़ा। अनंत सिंह के लिए यह अभियान केवल शिखर तक पहुंचने की चुनौती नहीं था, बल्कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और अनुशासन बनाए रखने की भी परीक्षा रहा।
शिखर पर तिरंगा फहराकर दिया देशभक्ति का संदेश
22 अगस्त को माउंट कुन के शिखर पर पहुंचने के बाद अनंत सिंह ने वहां तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने देश और मऊ का नाम पर्वत की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अभियान की सफलता के बाद उनका कहना है कि पर्वतारोहण में शिखर तक पहुंचना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी सुरक्षित वापस लौटना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सही समय पर सही निर्णय लेना बेहद जरूरी था। मौसम और शरीर की स्थिति को देखते हुए टीम ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
वापसी में पैर के अंगूठे में दिखे फ्रॉस्टबाइट के लक्षण
माउंट कुन के शिखर पर तिरंगा फहराने के बाद अनंत सिंह उसी दिन बेस कैंप लौट आए। हालांकि वापसी के दौरान उनके पैर के अंगूठे में फ्रॉस्टबाइट के शुरुआती लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने समय रहते नीचे लौटने को प्राथमिकता दी।
अत्यधिक ठंड और ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में फ्रॉस्टबाइट पर्वतारोहियों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे में समय पर सुरक्षित नीचे लौटना अभियान का अहम हिस्सा रहा।
12 से अधिक हिमालयी अभियानों का अनुभव
अनंत सिंह इससे पहले भी हिमालय की कई चोटियों पर सफल अभियान कर चुके हैं। उन्हें 12 से अधिक हिमालयी अभियानों का अनुभव है। वह पर्वतारोहण प्रशिक्षक के रूप में भी काम कर चुके हैं।
इसके अलावा अनंत सिंह को स्कीइंग और माउंटेन सर्च एंड रेस्क्यू का प्रशिक्षण भी प्राप्त है। कांग यात्से-2 समेत कई पर्वतीय अभियानों में हिस्सा लेने के अनुभव ने माउंट कुन अभियान में भी उन्हें काफी मदद पहुंचाई।
अब दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर नजर
माउंट कुन पर सफलता हासिल करने के बाद अनंत सिंह ने अब अपना अगला लक्ष्य भी तय कर लिया है। वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करना चाहते हैं।
अनंत सिंह का कहना है कि माउंट कुन अभियान से मिले अनुभव और प्रशिक्षण का इस्तेमाल वह आने वाले एवरेस्ट अभियान की तैयारी में करेंगे। इसके लिए वह अपनी शारीरिक क्षमता, तकनीकी कौशल और पर्वतीय अनुभव को और मजबूत करने की तैयारी में जुटेंगे।
मऊ के एक छोटे से गांव से निकलकर 7,077 मीटर की ऊंचाई पर तिरंगा फहराने वाले अनंत सिंह की यह उपलब्धि जिले के युवाओं और पर्वतारोहण में रुचि रखने वालों के लिए प्रेरणा बन गई है।
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